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झांसी फसल अवषेश जलाना दण्डनीय अपराध जिला अधिकारी झांसी

राष्ट्रीय हरित अभिकरण के आदेशानुसार फसल अवशेष जलाया जाना एक दंडनीय अपराध : जिलाधिकारी झांसी

झांसी। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने ज़ूम मीटिंग के माध्यम से प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजीइयू योजनान्तर्गत (फसल अवशेष प्रबंधन) आयोजित किसान सेवा रथ भ्रमण वर्ष 2024-25 में रथ के माध्यम से किसानों को पराली जलाएं नहीं बल्कि आय का जरिया बनाएं, इसके अतिरिक्त एनजीटी के संशोधित प्रतिकर की जानकारी भी किसानों को दिए जाने के निर्देश।। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने महिला सशक्तिकरण को चरितार्थ करती महिला किसान एवं अन्य कृषकों से अपील करते हुए कहा कि खेत में आग ना लगाएं, कृषि अवशेष/घरों का कूड़ा खेत में किसी भी दशा में न जलाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि पराली प्रबंधन से किसानों की आय को बढ़ाया जाए और इसे मूर्त रूप देने के लिए किसान वेस्ट डी-कंपोजर कैप्सूल माध्यम से पराली/कृषि अवशेष को खाद बनाते हुए अपनी फसल उत्पादन को बढ़ावा दें। उन्होंने विशेष रूप से विकास खंड मोंठ और विकासखंड बड़ागांव व विकासखंड चिरगांव के किसानों को जागरूक करने पर बल देते हुए कहा कि खेत में आग लगाने से अथवा कृषि अवशेष को जलाने से जहां एक और वायुमंडल दूषित होता है, वही खेत के मित्र कीट भी मृत होते हैं साथ ही मृदा के पोषक तत्वों की भी क्षति हुई होती है। जिस कारण पैदावार में प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय हरित अभिकरण के अदेशानुसार फसल अवशेष जलाया जाना एक दण्डनीय अपराध है। उन्होंने कहा केंद्रीय सरकार राष्ट्रीय राजधानी और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायुमंडल गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम में संशोधन किया गया है। नियम,2024 पर्यावरण विभाग के निर्देशानुसार 02 एकड़ से कम क्षेत्र के लिये रु 5000/- पर्यावरणीय प्रतिकरको समुदाय करेंगे, 02 से 05 एकड क्षेत्र के लिये रु 10000/- रुपए के पर्यावरण णी प्रतिकरको समुदाय करेंगें एवं 05 एकड़ से अधिक के लिये रु 30000/- तक पर्यावरण कम्पन्सेशन की वसूली का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि जनपद में पराली की घटना पाये जाने पर सम्बन्धित को दण्डित करने के सम्बन्ध में राजस्व अनुभाग द्वारा राष्ट्रीय हरित अभिकरण अधिनियम की धारा 24 के अन्तर्गत क्षति पूर्ति की वसूली एवं धारा-26 के अन्तर्गत उल्लघंन की पुनरावृत्ति होने पर सम्बन्धित के विरुद्ध कारावास एवं अर्थ दण्ड लगाये जाने का प्राविधान है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कृषि विभाग के समस्त एटीएम/बीटीएम सहित अन्य क्षेत्रीय अधिकारी/कर्मचारी के अतिरिक्त लेखपाल,सचिव एवं ग्राम प्रधानों को भी नए संशोधन के विषयक संपूर्ण जानकारी दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने चौपाल एवं खुली बैठक आयोजित कर प्रतिकर के संशोधन की जानकारी संवेदनशीलता के साथ कृषकों को दिए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि राजस्व ग्राम के लेखपाल को यह जिम्मेदारी दी गयी है कि वह अपने क्षेत्र में फसल अवशेष जलने की घटनाये बिलकुल न होने दे, यदि इस प्रकार की कोई घटना उनके क्षेत्र में पाई जाती है तो उनके विरुद्ध कार्यवाही का प्राविधान है, इसके अतिरिक्त जनपद के समस्त थाना प्रभारियों को निर्देश दिये गये है कि वह अपने क्षेत्र में फसल अवशेष को जलने से रोकने के लिये प्रभावी कार्यवाही करें तथा किसी भी दशा में फसल अवशेष न जलने दें। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद,उप कृषि निदेशक एम पी सिंह,जिला कृषि अधिकारी के के मिश्रा, विषय वस्तु विशेषज्ञ दीपक कुशवाहा, धर्मेंद्र प्रताप सिंह सहित विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रदीप यादव दादा पत्रकार बबीना झांसी

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