





वंदेभारतलाइवटीव न्युज-: श्रावण मास का पवित्र समय चल रहा है। श्रावण मास आदिगुरू महादेव की भक्ति पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस भक्तगण अपने आराध्य भोलेनाथ को खुश करने के लिए विभिन्न यत्न करते हैं। सावन मास के आखिरी सोमवार 04 अगस्त को छत्तीसगढ और मध्यप्रदेश की सीमा पर मन्दिरों में आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। छत्तीसगढ की सीमा और मध्यप्रदेश के अमरकंटक में स्थित जालेश्वर महादेव में भगवान भोलेनाथ के भक्तों और कांवड़ियों की भारी संख्या में भीड़ रही। पूरा वातावरण आसमान में “बोल बम” हर हर महादेव के जयकारों गुंजायमान रहा। भोले के भक्त कांवड़िए ण
मध्यप्रदेश की सीमा पर स्थित अमरकंटक के नर्मदा उद्गम से जल भरकर जालेश्वर महादेव भगवान शिव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए भारी संख्या में पहुंच रहे थे। मध्यप्रदेश के अमरकंटक के नर्मदा उद्गम स्थल और छत्तीसगढ के जालेश्वर महादेव का मन्दिर श्रावण मास के दिनों मे विशेष महत्व होता है। भक्तगण नर्मदा उद्गम स्थल से जल भरकर पैदल चलकर कांवड़ लेकर जालेश्वर महादेव मंदिर पहुंचतें हैं। श्रावण मास के आखिरी सोमवार को भी जालेश्वर महादेव स्वयंभू शिवलिंग पर नर्मदा के उद्गम स्थल का जल के साथ साथ बेलपत्र, दूध दही इत्यादि पवित्र चीजों से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना भक्तगणों के द्वारा की गई।





