
21 सूत्री मांगों को लेकर पिपरवार के न्यु बिजैन के विस्थापित ग्रामीणो ने शुरू किया अनिश्चितकालीन बंदी।।
संवाददाता/राशीद अंसारी खलारी
खलारी। पिपरवार क्षेत्र के पुर्नवास केंद्र न्यू बिजैन के विस्थापित ग्रामीणों ने 21 सूत्री मांगों को लेकर पिपरवार क्षेत्र में अनिश्चितकालीन बंदी शुरु कर दी है।इस दौरान विस्थापित ग्रामीण एकजुट होकर खदान क्षेत्र पहुंचा और कोयला खनन एवं ट्रांसपोर्टिंग का कार्य को बंद करा दिया।इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।विस्थापित ग्रामीणों ने सीसीएल प्रबंधन पर झूठा आश्वासन देने का भी आरोप लगाया।इस संबंध में विस्थापित नेता रंथु गंझु ने बताया कि करीब तीन महीने पूर्व न्यू बिजैन के विस्थापित ग्रामीणों ने सीसीएल पिपरवार एरिया प्रबंधन को 21 सूत्री मांग पत्र सौंपा था,लेकिन मांगे पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने बंदी किया था।इस बीच प्रबंधन ने ग्रामीणों के साथ वार्ता कर मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया था,जिसके बाद ग्रामीणों के द्वारा बंदी को स्थगित कर दिया गया था। लेकिन तीन महीना बीत जाने के बावजूद प्रबंधन के द्वारा मांगों को पूरा नहीं किया गया है।प्रबंधन ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन देकर उन्हें ठगने का काम कर रही है।जिसके कारण ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है।यही वजह है कि ग्रामीणों ने प्रबंधन को एक बार फिर से स्थगित बंदी को शुरू करने के लिए आवेदन देकर बंदी शुरू कर दिया है।उन्होंने बताया कि जब तक विस्थापित ग्रामीणों की मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक अनिश्चितकालीन बंदी जारी रहेगा।ग्रामीणों की मुख्य मांगों में ग्राम बिजैन के सत्यापित जमीन पर लंबित नौकरी वमुआवजा देने, पुर्नवास केंद्र में पार्क एवं स्टेडियम का निर्माण करने,स्थापित मंदिर एवं मेलाटांड़ में भूमि समतलीकरण,सुंदरीकरण एवं चाहरदीवारी करने,।नियमित रूप से साफ सफाई एवं दवा का छिड़काव करने, खाली पड़े सभी जगह पर फलदार पौधा लगाने,प्लॉट के एवज मे एकमूस्त राशि का भुगतान करने,मेलाटांड़ मे मंच एवं भवन का निर्माण करने,सभी जर्जर पोल को बदलने व स्ट्रीट लाईट लगाने, तीन अलग-अलग जगह पर टावर लाइट लगाने, सार्वजनिक जगह पर सीसीएल द्वारा बोर्ड लगाने,सामुदायिक भवन एंव विवाह भवन बनाने,सिलाई सेन्टर एंव पुस्तक लाइब्रेरी की स्थापना करने,स्वास्थ्य चिकित्सा उप केंद्र स्थापित करने,पेयजल के लिए जल मीनार का निर्माण करने, बिजैन पुर्नवास स्थल से कल्याणपुर जाने के लिए सड़क का निर्माण करने, तीन मुख्य मार्ग का स्वागत द्वार बनाने,पुर्नवास स्थल में बनाए गए टू लेन रोड के बीच में डिवाइड एवं बीच में पुल पुलिया का निर्माण करने, आंगनवाड़ी भवन का निर्माण करने,जर्जर सड़क नाला पुलिया की मरम्मति करने, सीसीएल द्वारा उपलब्ध कराए गए पूर्नवास स्थल में सड़क,नाला,बिजली,पानी आदि मूलभूत सुविधा बहाल करने,रैयतों के बचे हुए नौकरी,मुआवजा,पेड़ का मुआवजा आदि का भुगतान जल्द करने सहित अन्य मांगे शामिल है।इधर कोयला खदान में कोयला खनन एवं ट्रांसपोर्टिंग का कार्य बंद होने से सीसीएल अधिकारी भी रेस हो गये।स्थानीय सीसीएल अधिकारियों ने विस्थापित ग्रामीणों के साथ वार्ता का प्रयास भी किया, लेकिन विस्थापित ग्रामीण अपनी मांगों के समर्थन में पूरी तरह से अडिग है। और खदान क्षेत्र मे जमे हुए रहे। करीब 8 घंटे के बाद पिपरवार के न्यु बिजैन के विस्थापित ग्रामीणों के द्वारा 21 सूत्री मांगों को लेकर चल रहे बंदी प्रबंधन के साथ हुई वार्ता के बाद हुआ स्थगित।अशोका पीओ जेके सिंह और मैनेजर डीके आनन्द ने विस्थापित ग्रामीणों के साथ वार्ता कर सभी मांगों को क्षेत्रीय स्तर से लेकर मुख्यालय स्तर तक जल्द पूरा करने का दिया आश्वासन।कोयला खनन एवं ट्रांसपोर्टिंग का कार्य पुनः हुआ चालू। इस अवसर पर रंथु गंझु,राहुल राम, बाबूलाल राम,कुलदीप राम, पच्चु गंझु,सुरेंद्र राम,संतोष कुमार गंझु,अजीत कुमार मुंडा,चरका गंझु,राजू मुंडा, सोनू कुमार गुप्ता,संजय गंझु,देवनारायण राम सहित अन्य विस्थापित ग्रामीण उपस्थित थे।








