
+++++++ नागपुर, मंगलवार 14 अक्टूबर 2025 +++++
धनतेरस, नरक चौदस, दिपावली, गोवर्धन पूजा, भाईदूज की हार्दिक शुभकामनाऐं ++++++++ तयोहारों पर्वों के अवसर पर बाजारों में अक्सर करके मिठाईयों की भी मांग बढ़ जाती है। अभी दिपावली का पावन त्योहार आ रहा है, ऐसे में लोग गहने, वस्त्रों आभूषणों के साथ साथ मिठाईयां भी खरीदते हैं। त्योहार में मिठाईयों की मांग बढ़ जाती है। इस अवसर का लाभ उठाने और ज्यादा मुनाफा कमाने की लालच में कुछ मिठाई निर्माता और विक्रेतागण खतरनाक केमिकल का उपयोग करते हुए ज्यादा मिठाई बनाने बेचने की कोशिश भी करते हैं। मिलावटी खाद्य पदार्थ मिठाईयां सेहत के बेहद हानिकारक खतरनाक भी होती हैं। मिलावटी मिठाईयां खाद्य पदार्थ हमारे पाचन तंत्र लिवर, किडनी ह्रदय आदि अंगों पर बुरा प्रभाव डालते है। इसलिए मिठाईयों या अन्य खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते वक्त सावधान रहना जरूरी हो जाता है। त्योहारों के अवसर पर जहां तक संभव हो सके अपने घरों पर ही मिठाई बनाने की कोशिश करनी चाहिए इससे शुद्ध मिठाई घर परिवार को खाने को मिलेगी और अनमोल सेहत भी बना रहेगा। फिर भी बाजार से मिठाई लाने की जरूरत होने पर मिठाई की शुद्धता को जरूर परखना चाहिए।
मिठाईयों खाद्य पदार्थों में मिलावट पाए जाने पर शिकायत भी दर्ज करवा सकते हैं। दिपावली के समय पर खासकर मिठाईयों की मांग बाजार में बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ मुनाफाखोर किस्म के लोग इसका गलत फायदा भी उठाते हैं और खोवा दूध चीनी तेल घी आदि में सस्ते विकल्प तलाश कर मिलावट भी करके बेचते हैं। मिठाईयों को और अधिक चमकीला बनाने के लिए सिल्वर फॉयल के स्थान पर एल्युमीनियम फॉयल का भी उपयोग करते है, यह स्वास्थ्य के बेहद हानिकारक होता है। दूध में डिटर्जेंट यूरिया आदि भी मिलाया जाता है। घी में पॉम ऑयल हाइड्रोजेनेटेड ऑयल का मिलावट भी करते हैं। रह मिलावटी मिठाईयां खाद्य पदार्थ खाने से लंबे समय मे यह शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित करती हैं।बच्चों और हमारे बुजुर्गों के लिए भी यह मिलावटी सामान गंभीर परिणाम दे सकते हैं। मिलावटी चीजों के खाने से फुड पाइजनिंग, पेट मे दर्द, अपचन का होना, लिवर किडनी खराब होने का भय भी रहता है। अत: मिठाईयां तथा उससे संबंधित चीजों के बाजार से खरीदते समय पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता असली नकली के बारे में जानना बेहद जरूरी होता है, क्योकि इसका सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। ” दूध से बनी हुई मिठाईयों को परखने के लिए इसमें आयोडीन की एक दो बूंदे डाले, यदि इसका रंग नीला पड़ जाए तो सावधान इसमें स्टार्च की मिलावट हो सकती है। खोवे की परख करने के लिए इसे थोड़ा गर्म पानी में घोलें यदि झाग बनता दिखाई दे या अजीब सी गंध महसूस हो तो यह मिलावटी भी हो सकता है। घी की शुद्धता को परखने के लिए घी को गर्म करें, इसमें यदि तेज गंध या ज्यादा धुंआं निकले तो भी इसमे मिलावट का यह साफ संकेत हॅ सकता है। मिठाई में लगे सिल्वर फॉयल को रगड़ने पर यदि काला निशान पड़ जाए तो इसमे एल्युमीनियम हो सकता और यह नकली है। शहद को जांचने के लिए शहद को पानी में मिलाने पर शहद घुल जाए तो फिर शहद में चीनी की मिलावट हो सकती है। जिस मिठाई में बहुत ज्यादा चमक दिखाई देती है उसमें कोडिंग हो सकता है। यदि मिठाई के ऊपर सफेद परत सी जम गई हो या फिर उसमें अधिक नमी हो गई हो तो यह जयादा पुरानी बासी या गलत तरीके से स्टोर की गई हो सकती है। मिठाई को चखकर देखने पर यदि अजीब सी लगे तो इसमे केमिकल मिला हो सकता है। मिठाई की खूसबू तेज लगे तो इसमें सिंथेटिक एसेंस की मिलावट हो सकती है मिठाई को मसलने पर इसका रंग यदि हाथ मे लगने लगे तो इसमे मिलावट हो सकता है। मिठाई यदि ज्यादा चिपचिपी लगे तो इसमें मैदा या स्टार्च मिला हो सकता है। असली मावा को मसलने पर घी छोड़ता है नकली बने हुए मावा में नहीं। केसर को पानी में डालने पर रंग छोड़ने लगे तो यह नकली है। मिठाईयों को खरीदते वक्त हमेशा अपने विश्वासपात्र दुकानदार से ही खरीदें । अधिक रंग बिरंगी की मिठाईयों को लेने से बचें, इसमें ऑरटिफिशियल रंग और रसायन मिले हो सकतें हैं। खाद्य पदार्थों को खरीदते समय हमेशा फूड सेफ्टी सर्टिफिकेशन वाली पैकेट बंद मिठाईयां लेनी चाहिए जो कि गारंटीयुक्त हो। सस्ती चीजों में मिलावट की संभावना अधिक रहती है। मिठाईयां यदि सूखी हुई और टाइट लगे तो इन्हें लेने से बचना चाहिए सस्ते ऑफर के लालच में मिलावट के चक्कर में भी फंस सकते है। पैकेज्ड मिठाई खाद्य पदार्थ पर एफएसएसएआई” सरटिफिकेशन जरूरत जांच लें। खरीदे हुए मिठाई खाद्य पदार्थ की पक्की रसीद भी लेना ना भूलें। यदि आपके द्वारा खरीदे गए मिठाईयों खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार से मिलावट की शंका हो तो आप एफएसएसएआई” के निशुल्क फोन नंबर-: 1800112100 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं अथवा फूड सेफ्टी कनेक्ट एप्प का भी उपयोग करके सामाधान पा सकते हैं। भारतदेश में खाद्य पदार्थों मे मिलावट पाए जाने पर आजीवन कारावास या दस लाख रूपय तक जुर्माना तक का भी प्रावधान है। मिठाईयों को फ्रिज में चार से आठ डिग्री सेल्सियस पर स्टोर करके रखें। हवाबंद डिब्बों में मिठाईयों को हमेशा रखें इससे नमी एवं बैक्टीरिया लगने से बच सकते हैं।खोवा से बनी मिठाई दो से तीन दिन और सूखी हुई मिठाईयां सात से दस दिनों तक सुरक्षित खाने योग्य रह सकती हैं। मिठाईयों को गर्मी से बचाने के लिए हवाबंद कंटेनर में रखें और इसे बार बार खोलने बंद करने बचें। यदि मिठाईयों में खट्टापन फंगस अजीब सी दुर्गंध महसूस हो तो इसे उपयोग मे लाने से बचना चाहिए, खराब मिठाईयां खाद्य पदार्थ खाने से दस्त उल्टी आदि शिकायत हो सकती है। ज्यादा तली मिर्च मसालेदार भी नहीं खाना चाहिए। सावधानी जरूरी है अनमोल जीवन यूं ही नहीं मिलता। फिर भी अधिक पैसा कमाने के लालच में मिलावटखोर लोगों के जीवन से खेलते हैं । ।




