

KANTH (MORADABAD)। सावन के अंतिम सोमवार को कांठ क्षेत्र के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तड़के से ही मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक शुरू हो गया। शिव भक्तों ने उपवास रखकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजते रहे। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और पीएसी के जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

कांठ तहसील क्षेत्र के लाडलाबाद स्थित प्रकटेश्वर शिव धाम और प्राचीन महादेव मंदिर ढाकी में तड़के करीब चार बजे से ही जलाभिषेक शुरू हो गया था। शिव भक्तों ने भगवान शिव का दूध, दही और शहद से अभिषेक किया। इसके साथ ही शिवलिंग पर फूल, बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित कर धूप-दीप से पूजा-अर्चना की। दोनों मंदिरों में दोपहर दो बजे के बाद तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी रही। मंदिर परिसरों में लगे मेलों में श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी भी की। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लाडलाबाद में थाना प्रभारी निरीक्षक कांठ सुदेश पाल सिंह और ढाकी में थानाध्यक्ष छजलैट रमेश सहरावत भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के साथ ही मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था संभाली।

इसके अलावा कांठ नगर के माहेश्वरी मंदिर, माता महाकाली मंदिर, मुख्य बाजार स्थित बड़ा शिव मंदिर, विश्वनाथ महादेव मंदिर, विशनपुरा स्थित शिव मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, बम बटक मंदिर, शिव मोनी मंदिर घोसीपुरा, संत रविदास मंदिर, श्री रामज्योति मंदिर, महर्षि वाल्मीकि मंदिर माननगर तथा कुएं वाला शिव मंदिर महमूदपुरा में भी श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। सावन के अंतिम सोमवार को शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। शिव भक्तों ने भगवान भोलेनाथ की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र में शांति की कामना की। मंदिरों में गूंजते हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
Repo: Pankaj Kumar, Kanth ✍️






