
रामपुरा, जालौन:- सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रामपुरा में पूर्व में एक महिला के बच्चे का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किया था। जिसे महिला द्वारा न्यायालय में लगाया था। जिसको असत्य बताते हुए पति द्वारा उक्त प्रमाणपत्र की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की थी।

इटावा जनपद के बकेबर थाना क्षेत्र के दिलीप नगर निवासी रोहित ने आरोप लगाते हुए बताया था कि उसकी पत्नी विनीता से न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। 13 अक्टूबर को जब कोर्ट में पेशी पर पहुँचा तो पता चला कि विनीता ने एक फर्जी जन्म प्रमाणपत्र रामपुरा अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मिलकर 7 अक्टूबर को फर्जी प्रशव दिखाकर एक जन्मप्रमाण जारी कराकर न्यायालय में पेश कर दिया था। जिसके बाद रोहित ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डीके भिटौरिया के समक्ष पेश होकर उक्त फर्जी जन्म प्रमाणपत्र की शिकायत की थी। जिस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने तीन सदस्यीय टीम से जाँच कराई तथा स्वयं भी जाँच की। जिसके बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रदीप राजपूत को आदेशित कर रामपुरा अस्पताल की आशा बहू उमाकांती, स्टाफ नर्स विमलेश कुमारी, रोहित की पत्नी विनीता तथा अनमोल प्रजापति निवासी सुभाष नगर रामपुरा के खिलाफ थाना रामपुरा में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रदीप राजपूत ने बताया कि उक्त चारों लोग मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जाँच में दोषी पाये गये हैं। इस कारण मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर उक्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया हैं।





