उत्तर प्रदेशबस्तीलखनऊसिद्धार्थनगर 

।। लाइसेंस देने वाले अफसरों पर कार्रवाई शून्य:एसआईटी के लिए ‘गणपति फार्मा’ बना सिरदर्द।।

।। संदिग्ध परिस्थितियों में जिस फार्मा फर्म को ड्रग लाइसेंस जारी किया गया, उसे मंजूरी देने वाले अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं।।

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। लाइसेंस देने वाले अफसरों पर कार्रवाई शून्य:एसआईटी के लिए ‘गणपति फार्मा’ बना सिरदर्द।।

24 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।

बस्ती में लाखों रुपये के कोडीन युक्त सिरप की अवैध आपूर्ति से जुड़े गणपति फार्मा मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि संदिग्ध परिस्थितियों में जिस फार्मा फर्म को ड्रग लाइसेंस जारी किया गया, उसे मंजूरी देने वाले अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यह स्थिति स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

जांच में सामने आया है कि गणपति फार्मा जिस व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है, वह न तो लाइसेंस में दर्ज पते पर रहता है और न ही उस पते पर स्थानीय लोग उसे पहचानते हैं। इस गंभीर अनियमितता के बावजूद, संबंधित ड्रग लाइसेंसिंग अधिकारियों की भूमिका पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

👉 मामले की जांच हो रही है:-

एसआईटी जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि बस्ती की चार प्रमुख फर्मों ने गणपति फार्मा को कुल 1.72 लाख शीशी कोडीन युक्त सिरप की आपूर्ति की। इनमें हर्ष मेडिसिन (जिला अस्पताल क्षेत्र), आईडियल एजेंसी (गांधीनगर), संस फार्मा (जिला अस्पताल क्षेत्र), एस फार्मा (खीरीघाट) शामिल हैं। इन फर्मों के नाम और पते सही पाए गए हैं, लेकिन जांच में यह तथ्य सामने आया है कि रांची से भारी मात्रा में कोडीन युक्त सिरप मंगाकर गणपति फार्मा तक पहुंचाने में इन्हीं फर्मों की संलिप्तता रही है।

पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि लाइसेंस प्रक्रिया में हुई कथित लापरवाही या मिलीभगत को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से अब तक न तो पूछताछ की गई है और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। इससे जांच की निष्पक्षता और प्रभावशीलता पर भी सवाल उठने लगे हैं।

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने बताया कि गणपति फार्मा के संचालक की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी की टीम लगातार सक्रिय है और जल्द ही मामले में अहम कार्रवाई की जाएगी।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!