उत्तर प्रदेशसोनभद्र

डीआईओएस जयराम सिंह की अध्यक्षता में राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, 30 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर हुई गहन समीक्षा,

शिक्षा व्यवस्था को उत्कृष्ट बनाने का संकल्प, अब हर विद्यालय होगा जवाबदेह, गुणवत्ता, अनुशासन और शत-प्रतिशत योजनाओं के क्रियान्वयन पर दिया गया विशेष जोर

सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_जनपद के माध्यमिक शिक्षा विभाग को नई दिशा देने तथा विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित शैक्षिक वातावरण और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार, 17 जुलाई को 11 बजे से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय सभागार में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने की। इस अवसर पर समग्र शिक्षा समन्वयक अरविन्द चौहान सहित जनपद के समस्त राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।   IMG 20260717 WA0015
बैठक की शुरुआत ग्रीष्मावकाश के उपरांत विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने की रणनीति पर चर्चा से हुई। जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। इसलिए प्रत्येक विद्यालय को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अनुशासन, नवाचार और नैतिक मूल्यों का केंद्र बनाना सभी शिक्षकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।IMG 20260717 WA0019
उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया कि विद्यालय खुलने के साथ ही प्रत्येक छात्र-छात्रा की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ड्रॉपआउट विद्यार्थियों को पुनः विद्यालय से जोड़ा जाए तथा किसी भी छात्र का भविष्य केवल लापरवाही के कारण प्रभावित न होने पाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाना प्रत्येक विद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में यू-डायस प्लस, स्वयं पोर्टल, खान अकादमी, इंस्पायर अवार्ड, आई-गॉट मिशन कर्मयोगी, अपार आईडी, समग्र शिक्षा के अंतर्गत प्राप्त धनराशि का उपयोग, ईको क्लब, पौधारोपण अभियान, कक्षावार नामांकन, ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की वापसी, एनपीएस, बोर्ड परीक्षा-2027 की तैयारियां, परीक्षा केन्द्र निर्धारण, खेल एवं युवा कल्याण गतिविधियां, मिशन शक्ति, स्काउट-गाइड, छात्रवृत्ति, शिक्षक दिवस कार्यक्रम, पुस्तक वितरण, दिव्यांग विद्यार्थियों हेतु सुविधाएं, संचारी रोग नियंत्रण अभियान, ऑनलाइन उपस्थिति, विद्यालय भवन निर्माण, पुस्तकालय संचालन, करियर काउंसलिंग तथा अन्य विभागीय योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।IMG 20260717 WA0018
समग्र शिक्षा समन्वयक अरविन्द चौहान ने सभी विद्यालयों को तकनीकी एवं प्रशासनिक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि डिजिटल पोर्टलों पर सभी सूचनाएं समय से अपडेट की जाएं तथा प्रत्येक योजना की प्रगति नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विद्यालयों में नवाचार आधारित शिक्षण, डिजिटल लर्निंग और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने पर विशेष बल दिया।
बैठक के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों से अपेक्षा की कि वे विद्यालयों में स्वच्छ, सुरक्षित एवं प्रेरणादायक वातावरण तैयार करें, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यावरण संरक्षण को समान महत्व दें।InShot 20260717 153447481
उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड परीक्षा-2027 की तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दी जाएं ताकि जनपद के परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट हों और सोनभद्र प्रदेश में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सके। बैठक के अंत में सभी प्रधानाचार्यों ने शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।इस मौके पर राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य डॉ अमर सिंह,पूनम रानी,वंदना सहित प्रधान सहायक कमलेश कुमार यादव,संतोष सिंह उपस्थित रहे।

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