
राजकीय जिला पुस्तकालय में ज्ञान का उत्सव, नई पुस्तकों से महका साहित्यिक माहौल
नव आगमन पटल' पुस्तक प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ, विद्यार्थियों, प्रतियोगी छात्रों एवं पाठकों ने ज्ञान के नए खजाने का किया उत्साहपूर्वक अवलोकन
सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_
शिक्षा और ज्ञान के प्रसार को नई गति देने के उद्देश्य से राजकीय जिला पुस्तकालय, सोनभद्र में बुधवार को ‘नव आगमन पटल’ के अंतर्गत नवीन पुस्तकों की भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने फीता काटकर एवं प्रदर्शनी का अवलोकन कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुस्तकें किसी भी समाज की बौद्धिक पूंजी होती हैं। बदलते समय में डिजिटल संसाधनों के साथ-साथ पुस्तकों का महत्व आज भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि पुस्तकें ज्ञान, संस्कार, विचार और व्यक्तित्व निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम हैं।
प्रदर्शनी में साहित्य, इतिहास, विज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं, बाल साहित्य, जीवनी, योग, सामान्य अध्ययन तथा विभिन्न समसामयिक विषयों से संबंधित नवीन पुस्तकों को आकर्षक एवं व्यवस्थित रूप से प्रदर्शित किया गया। पुस्तकालय में सजी इन नई पुस्तकों ने विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं नियमित पाठकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। उपस्थित लोगों ने पुस्तकों का अवलोकन कर अपनी रुचि के अनुरूप पुस्तकों का अध्ययन किया तथा इस पहल को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम में वित्त एवं लेखाधिकारी मनोज कुमार, समग्र शिक्षा के समन्वयक अरविन्द सिंह चौहान, प्रधान सहायक कमलेश सिंह यादव, वरिष्ठ सहायक संतोष कुमार, प्रभारी राजकीय जिला पुस्तकालय संजीव कुमार मिश्रा, राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. दिलीप कुमार सिंह, बृजेश कुमार सहित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय एवं राजकीय जिला पुस्तकालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा राजकीय महिला महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं तथा बड़ी संख्या में नियमित पाठकों ने प्रदर्शनी में भाग लेकर नई पुस्तकों के संग्रह की सराहना की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रहालय नहीं, बल्कि समाज में ज्ञान, शोध, नवाचार और सकारात्मक सोच का केंद्र होता है। इस प्रकार की पुस्तक प्रदर्शनी से विद्यार्थियों को नवीनतम पुस्तकों की जानकारी मिलती है, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को उपयोगी अध्ययन सामग्री उपलब्ध होती है तथा पाठकों में पढ़ने की संस्कृति को नई ऊर्जा मिलती है।
कार्यक्रम के समापन पर पुस्तकालय प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी पाठकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विषयों की नवीन एवं उपयोगी पुस्तकों का संग्रह निरंतर बढ़ाया जाएगा। साथ ही समय-समय पर इस प्रकार के आयोजन कर जिले में पठन-पाठन की संस्कृति को और अधिक सशक्त एवं समृद्ध बनाने का प्रयास जारी रहेगा। उपस्थित सभी लोगों ने इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों और समाज के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया।



















