
स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा ज्ञापन, मेडिकल कॉलेज व निजी अस्पतालों की अव्यवस्थाओं पर उठाई आवाज
सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड में लंबी प्रतीक्षा, चिकित्सकों की कमी व अवैध अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की मांग
सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_
जनपद सोनभद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर काशी क्षेत्र मीडिया प्रभारी विपिन तिवारी ने उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल तथा निजी अस्पतालों में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में आम जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। 
ज्ञापन में कहा गया है कि सोनभद्र मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल में मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। चिकित्सकों और संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को उपचार के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। वहीं सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड सहित अन्य महत्वपूर्ण जांचों के लिए लंबी-लंबी तिथियां मिलने से गंभीर मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे दूर-दराज के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
ज्ञापन में जिले में बिना मानकों के संचालित हो रहे निजी अस्पतालों एवं अवैध क्लीनिकों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। आरोप लगाया गया कि कई निजी चिकित्सा संस्थान स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित नियमों की अनदेखी करते हुए मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा और जीवन दोनों खतरे में पड़ रहे हैं। ऐसे अस्पतालों एवं क्लीनिकों की व्यापक जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
काशी क्षेत्र मीडिया प्रभारी विपिन तिवारी ने कहा कि सोनभद्र एक आदिवासी एवं पिछड़ा जनपद है, जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल में आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, चिकित्सकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने, जांच सुविधाओं को सुचारु एवं समयबद्ध बनाने तथा अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और क्लीनिकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से यह भी अपेक्षा जताई गई कि जनहित से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर स्वास्थ्य मंत्री शीघ्र संज्ञान लेकर प्रभावी कदम उठाएंगे, ताकि जिले के लाखों नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें तथा स्वास्थ्य व्यवस्था में जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो।















