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चुनाव आयोग नें मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए नए आवेदकों के लिए भी नया नियम लागू किया है

नए मतदाता को अब देना होगा अपने माता पिता के SIR, का विवरण

वंदेभारतलाइवटीव न्युज, सोमवार 13 जुलाई 2026

-::- भारत निर्वाचन आयोग नें मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले नए मतदाता आवेदकों के भी नया नियम लागू किया है। प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार अब फार्म-6,भरकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले प्रत्येक नए मतदाता को भी अपने माता पिता के “एसआईआर ” विशेष गहन पुनरीक्षण, का पूरा विवरण भी देना जरूरी होगा। चुनाव आयोग के अनुसार यह नियम केवल पुराने मतदाताओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पहली बार मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले नए मतदाताओं के लिए भी लागू होगा। इस नए नियम को बनाने के पीछे चुनाव आयोग का उद्देश्य-: नए मतदाताओं की पहचान और उनका रिकॉर्ड मिलान आसान हो सकता है। आवेदकों को कम दस्तावेज जमा करने पड़ेगे। नकली, या दिवंगत हो चुके , एक जगह सो दूसरे जगह जा चुके मतदाता, और विदेशी मतदाताओं की पहचान आसान हो सकती है। आनलाईन फार्म-6,भरने वाले आवेदक भी यह घोषणा भरे बिना ही प्रक्रिपा मे आवेदन आगे नहीं बढ़ा सकेंगे। बिहार में जून 2025 में शूरु किए गए एसआईआर कार्यक्रम के दौरान फार्म-6 के साथ यह घोषणा पत्र जोड़ा गया था। नए मतदाताओं को आवेदन पत्र के साथ यह यह घोषणा भी भरनी पड़ती थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग नें यह स्पष्ट किया कि फार्म-6, में कोई औपचारिक संशोधन नहीं किया गया है, बल्कि निर्देश जारी करते हुए इस घोषणा को अनिवार्य किया गया है। इस नियम का उद्देश्य सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अयोग्य मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से अलग करना है। एसआईआर के लिए इन दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ती है-: आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, जन्म प्रमाणपत्र, राशनकार्ड, बिजली का बिल/पानी/गैस का बिल, बैंक/पोस्ट ऑफिस का पासबुक, कक्षा दसवीं की अंकसूची या स्कूल सर्टिफिकेट, मकान का किरायानामा या निवास प्रमाणपत्र आदि। एसआईआर चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है जीसके अंतर्गत मतदाता सूची की पूरी तरह से जांच कर अपडेट किया जाता है, इसका उद्देश्य यह होता है कि मतदाता सूची में केवल योग्य और सही मतदाताओं का ही नाम शामिल हो । भारत में एसआईआर की यह प्रक्रिया लगभग 21 वर्षों के बाद एकबार फिर से हो रहा है, चुनाव आयोग के अनुसार इससे पहले पूरे देशभर में वर्ष 2002 से लेकर 2004, तक एसआईआर चलाया गया था। एसआईआर के दौरान बीएलओ घर घर पहुंचकर मतदाताओं से जानकारी प्राप्त कर फार्म भरवाते हैं। वेरिफिकेशन के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट तैयार की जाती है। प्राप्त सभी शिकायतों के निराकरण के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाती है। नाम जोड़ने काटने या सुधारनें के लिए आवेदन लिया जाता है।

अनंतपद्मनाभ

D Anant Padamnabh, village- kanhari, Bpo-Gorakhpur, Teh-Pendra Road,Gaurella, Distt- gpm , Chhattisgarh, 495117,
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