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मरीजों को अनावश्यक रेफर करने का चलन पूरी तरह होगा बंद, जिले पर ही मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ: जिलाधिकारी सत्य प्रकाश

संवाददाता रामजी तिवारी

जिला संवाददाता ललितपुर

 

अनावश्यक रेफर किया और बाहर की दवाएं लिखी तो चिकित्सक की जिम्मेदारी होगी तय

 

अनुपस्थित कर्मचारियों व चिकित्सकों स्पष्टीकरण तलब करते हुए रोका एक दिन का वेतन

 

मुख्यमंत्री की जनआरोग्य की भावना को जमीन पर उतारने, राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे जिलाधिकारी, व्यवस्थाओं का किया स्थलीय निरीक्षण

 

मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं का लिया फीडबैक, सुविधाओं पर मरीजों ने जताई संतुष्टि

 

डीएम ने गर्भवती माताओं व नवजात शिशुओं का जाना हाल, बेहतर उपचार हेतु चिकित्सकों को दिये निर्देश

 

300 बेडेड चिकित्सालय के सामने 2फेज पार्किंग स्थल बनाने हेतु ईओ को दिये निर्देश

 

मुख्यमंत्री जी की जनआरोग्य की भावना को जमीन पर उतारने व आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से सोमवार को जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सम्बद्ध जिला पुरूष/महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया और चिकित्सकों को सेवाभाव के साथ मरीजों का उपचार करने तथा उन्हें बेहतर से बेहतर इलाज जिले स्तर पर ही उपलब्ध कराने के निर्देश दिये, उन्होंने कहा कि जिले में मेडिकल कॉलेज बन जाने से निश्चित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है, परन्तु चिकित्सक यह सुनिश्चित करें कि मरीजों को अनावश्यक रेफर करने का चलन पूरी तरह से बंद हो और उन्हें हर सम्भव उपचार यहीं दिया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं के प्रति बेहद गंभीर दिखे, उन्होंने एस०एन०सी०यू० में भर्ती बच्चों के बारे में उपस्थित चिकित्सकों से जानकारी ली और एस०एन०सी०यू० में अग्नि निकास द्वार व अग्नि शमन यंत्र की एक्सपायरी चेक भी की। जिलाधिकारी ने प्रसव कक्ष पहुंचकर भर्ती पंजिका को चेक किया, जिसमें मरीज का अंतिम परिणाम अंकित नही था, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुये ऑन ड्यूटी स्टाफ व मुख्य चिकित्सक को निर्देश दिये कि उक्त पंजिका को पूर्ण कराते हुये लामा, रेफर, एब्सकॉर्न एवं डिस्चार्ज मरीज की जानकारी उपलब्ध करायें।

निरीक्षण के दौरान ही जिलाधिकारी औषधि भण्डार कक्ष पहुंचे। यहां उन्होंने ऑन ड्यूटी फार्मासिस्ट से दवाईयों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली एवं नियर एक्सपायरी पंजिका व नियर एक्सपायरी दवाईयों के बारे में जानकारी ली। वहीं उन्होंने निर्देश दिये कि किसी भी दशा में मरीज को एक्सपायरी दवाएं न दी जाएं, अगर ऐसा हुआ तो सम्बंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने चिकित्सकों को भी निर्देशित किया कि मरीजों को अस्पताल में ही निःशुल्क दवाएं उपलब्ध करायी जायें, यदि बाहर की दवाएं लिखी जाती हैं तो सम्बंधित चिकित्सक की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही की जाएगी।

जिलाधिकारी ने पीएनसी वार्ड में निरीक्षण के दौरान जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र काउण्टर का निरीक्षण गया और वार्ड में भर्ती मरीजों से अस्पताल का फीडबैक लेते हुए जानकारी ली कि उनके उपचार, दवाईयों एवं चिकित्सक द्वारा समय पर देखा जा रहा है या नहीं, भोजन समय से मिल रहा है या नहीं, जिस पर समस्त मरीजों द्वारा बताया गया कि समस्त उपचार एवं चिकित्सक द्वारा समय से देखा जा रहा है, साथ ही भोजन भी समय से मिल रहा है।

जिलाधिकारी ने पुरुष और महिला चिकित्सालय के सभी पंजिकाओं का अवलोकन किया, उन्होंने एफएमजी इन्टर्न, जूनियर व सीनियर चिकित्सक पंजिका, बोर्डिनियर रेजीडेंस, सीनियर रेजीडेंस, फैकल्टी अटेन्डेंट, सेनेटरी वर्कर, संविदा कर्मचारी, विलीव सोल्युसन सर्विस, पर्मानेंट स्टाफ, आउटसोर्स स्टाफ, नॉन बॉन्डेड जूनियर्स, आउटसोर्स नर्स, आउटसोर्स स्वीपर आदि पंजिकाओं का अवलोकन किया और ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित कर्मचारियों व चिकित्सकों का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने सीएमएस व प्रिंसिपल को भी निर्देश दिये कि समय-समय पर पंजिकाओं व पत्रावलियों का परीक्षण करते रहें और उन्हें अद्यतन कराते रहें।

उन्होंने 300 बेडेड चिकित्सालय के सामने पार्किंग स्थल का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिये कि उक्त स्थान पर दो फेज में पार्किंग स्थल बना दें, ताकि चिकित्सालय में आने वाले मरीज/तीमारदार को पार्किंग संबंधित असुबिधा न हो।

निरीक्षण के दौरान प्रधानाचार्य डा० मयंक कुमार शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा० गजेन्द्र सिंह एवं इत्यादि मौजूद रहे।

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