

आभास शर्मा
बलौदाबाजार
बलौदा बाजार।
शहर में हो रही अघोषित बिजली कटौती, अनियमित आपूर्ति और बिजली विभाग की मनमानी के खिलाफ मंगलवार को बलौदा बाजार में जनाक्रोश फूट पड़ा। बिजली की आंख-मिचौली से परेशान आम नागरिकों के साथ नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष, पार्षदगण एवं पार्षद प्रतिनिधिगण एकजुट होकर बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। पूरे घटनाक्रम में शहर का माहौल भावनात्मक भी रहा और रोष से भरा भी—जहां हर चेहरे पर नाराजगी, तो हर आवाज़ में अपने हक की मांग साफ झलक रही थी।
बीते कई दिनों से शहर में बिना सूचना के घंटों बिजली गुल हो रही है। कभी दिन में, तो कभी आधी रात को बिजली कटौती ने आमजन का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बच्चों की पढ़ाई, व्यापारियों का कारोबार, बुजुर्गों की दिनचर्या और भीषण गर्मी में आम लोगों का हाल बेहाल है। बावजूद इसके, बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारी न तो जनप्रतिनिधियों की सुन रहे हैं और न ही आम नागरिकों की शिकायतों पर गंभीरता दिखा रहे हैं। यही अनदेखी आज जनआक्रोश का कारण बनी।
नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष शेख सलमान के नेतृत्व में पार्षदों और नागरिकों का प्रतिनिधिमंडल बिजली विभाग पहुंचा। वहां अधिकारियों को शहर की वास्तविक स्थिति से अवगत कराते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी गई कि यदि जल्द से जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में विभाग का घेराव किया जाएगा। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष शेख सलमान ने कहा कि “आम जनता के धैर्य की भी एक सीमा होती है। बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
पार्षद सुरेश घृतलहरे, वार्ड क्रमांक 11 के पार्षद शेखर गुप्ता, वार्ड क्रमांक 13 के पार्षद सहित पार्षद प्रतिनिधिगण सुभाष राव, रविन्द्र नामदेव, मनीष वर्मा, पूर्व पार्षद धर्मेंद्र वर्मा, पंकज बंजारे, ईश्वर कुर्रे, जित्तू, नासिर खान, शेख साबिर, सोहेल खान और सुनील चंद्राकर की मौजूदगी ने आंदोलन को मजबूती दी। सभी ने एक स्वर में कहा कि जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता और अब चुप बैठने का समय खत्म हो चुका है।
भावनात्मक क्षण तब देखने को मिले, जब आम नागरिकों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि बिजली की अनियमितता ने उनका जीना दूभर कर दिया है। छोटे दुकानदारों से लेकर घरेलू महिलाओं तक, हर कोई बिजली विभाग की उदासीनता से आहत नजर आया। जनप्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि वे जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे और जब तक समाधान नहीं होगा, संघर्ष जारी रहेगा।
अंत में प्रतिनिधिमंडल ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि जल्द व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज होगा। यह सिर्फ बिजली की लड़ाई नहीं, बल्कि आमजन के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है—और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।





