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सुरेन्द्र दुबे डिस्टिक हेड 9425179527 ( सीधी)कलेक्टर श्री स्वरोचिष सोमवंशी के निर्देशन में तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शैलेन्द्र सिंह सोलंकी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद श्रीवास्तव की उपस्थिति में जिला स्तरीय एनसीओआरडी (NCORD) समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री श्रीवास्तव ने मादक पदार्थों की तस्करी की प्रवृत्तियों के संबंध में विभागों के बीच तत्काल सूचना आदान-प्रदान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग, वन विभाग एवं कृषि विभाग संयुक्त रूप से जिले में अफीम, गांजा, भांग आदि मादक फसलों की अवैध खेती पर सतत निगरानी रखें। साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त अंतर्राज्यीय गिरोहों, व्यक्तियों एवं उनके सदस्यों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्कूलों एवं कॉलेजों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाए जाएं। इस कार्य को पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग एवं सामाजिक न्याय विभाग के समन्वय से संचालित किया जाए। मादक फसलों की अवैध खेती से प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां अधिकाधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा कृषि एवं वन विभाग द्वारा वैकल्पिक फसल एवं विकास कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को प्रेरित किया जाए।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जिले के मेडिकल स्टोर, क्लीनिक, झोलाछाप (बिना लाइसेंस चिकित्सक) एवं शासकीय आपूर्ति केंद्रों में प्रतिबंधित दवाओं के स्टॉक एवं गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए। स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित उपखंड अधिकारी इस संबंध में की गई कार्रवाई की समीक्षा सुनिश्चित करें।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री राजेश शुक्ला, उपखण्ड अधिकारी गोपद बनास श्री राकेश शुक्ला, सिहावल सुश्री प्रिया पाठक, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्रियल सिंह यादव सहित विभिन्न जिला अधिकारी उपस्थित रहेंग्राम ताला के वृद्धाश्रम में आयुष स्वास्थ्य शिविर आयोजित, बुजुर्गों की हुई स्वास्थ्य जांच
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कलेक्टर श्री स्वरोचिष सोमवंशी के निर्देशानुसार एवं जिला आयुष अधिकारी डॉ. बैजनाथ प्रजापति के मार्गदर्शन में ग्राम ताला स्थित वृद्धाश्रम में आयुष विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का संचालन डॉ. अजय तिवारी के नेतृत्व में किया गया।
शिविर के दौरान डॉ. तिवारी ने उपस्थित बुजुर्गों को समग्र स्वास्थ्य (Holistic Well-Being) एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने आयुष पद्धति के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संतुलित आहार-विहार, नियमित दिनचर्या एवं योग-प्राणायाम के लाभों पर प्रकाश डाला। बुजुर्गों द्वारा पूछी गई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान उनकी स्थानीय भाषा में सरल एवं सहज तरीके से समझाया गया।
कार्यक्रम में सभी वृद्धजनों का रक्तचाप (बीपी) एवं शुगर परीक्षण सहित सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आवश्यकतानुसार आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से उपचार एवं परामर्श भी प्रदान किया गया। शिविर के माध्यम से बुजुर्गों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा नियमित जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।






