A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेउत्तर प्रदेशताज़ा खबरदेश

सहारनपुर  क्या GST बढ़ोतरी की आड़ में हो रही उपभोक्ताओं की जेब पर मार? बाजार में MRP से ज्यादा वसूली पर मचा बवाल!

पुराने रेट पर नया खेल? गुटखा-सिगरेट MRP से ज्यादा में बिकने पर उठे सवाल

🚨🟥 पुराने रेट पर नया खेल? गुटखा-सिगरेट MRP से ज्यादा में बिकने पर उठे सवाल 🟥🚨

💸 सहारनपुर  क्या GST बढ़ोतरी की आड़ में हो रही उपभोक्ताओं की जेब पर मार? बाजार में MRP से ज्यादा वसूली पर मचा बवाल! 💸

▶️ सहारनपुर / स्थानीय बाजार

तंबाकू उत्पादों पर GST बढ़ने की चर्चाओं के बीच सहारनपुर के स्थानीय बाजार में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। शहर के विभिन्न इलाकों से शिकायतें मिल रही हैं कि पुराने MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य) वाला गुटखा और सिगरेट निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर बेचे जा रहे हैं। इस कथित वसूली से उपभोक्ताओं में नाराज़गी और असंतोष साफ दिखाई दे रहा है।

ग्राहकों का आरोप है कि जिन पैकेटों पर 5 रुपये MRP छपा है, उन्हें 7 रुपये में बेचा जा रहा है, वहीं 10 रुपये वाली सिगरेट 12 रुपये में दी जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि दुकानदार बढ़ी हुई GST का हवाला देकर अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं, जबकि पैकेट पर छपी कीमत कुछ और है।

जानकारों के मुताबिक, तंबाकू उत्पादों पर टैक्स दर अधिक होने की वजह से कंपनियां भविष्य में नई कीमत तय कर सकती हैं। लेकिन नियम स्पष्ट हैं—जिस पैकेट पर जो MRP छपा है, उसकी बिक्री उसी मूल्य पर होनी चाहिए। जब तक कंपनी नया स्टॉक नए MRP के साथ बाजार में नहीं उतारती, तब तक पुराने स्टॉक को अधिक कीमत पर बेचना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन माना जा सकता है।

बाजार में यह सवाल भी तेजी से उठ रहा है—
👉 “अगर GST लगभग 40% तक बढ़ी है, तो कंपनियों को नया MRP छापकर माल बेचना चाहिए। लेकिन यदि पुराना MRP छपा पैकेट ही महंगे दाम पर बेचा जा रहा है, तो क्या यह नियमों की अनदेखी नहीं है?”

वहीं कुछ दुकानदारों का तर्क है कि थोक बाजार में बढ़ी लागत, सप्लाई में अनियमितता और टैक्स बदलाव की आशंका के कारण खुदरा स्तर पर कीमतों में अंतर आ रहा है। उनका कहना है कि वे भी बढ़ी हुई दरों पर माल खरीद रहे हैं, इसलिए ग्राहकों से अतिरिक्त राशि लेनी पड़ रही है।

उपभोक्ता अधिकार विशेषज्ञों के अनुसार, MRP से अधिक कीमत वसूलना कानूनी रूप से गलत है। यदि कहीं ऐसा पाया जाता है तो संबंधित विभाग—जैसे खाद्य एवं औषधि प्रशासन, वाणिज्य कर विभाग या जिला प्रशासन—जांच कर कार्रवाई कर सकता है। हालांकि फिलहाल इस पूरे मामले में किसी भी विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को बाजार में औचक निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं का शोषण न हो और व्यापारी भी नियमों के दायरे में काम करें।

👉 निष्कर्ष: GST बढ़ने के बाद कीमतों में बदलाव संभव है, लेकिन बिना नया MRP छापे पुराने रेट वाले उत्पाद को अधिक कीमत पर बेचना नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और उपभोक्ताओं को राहत मिलती है या नहीं।


संपादक – एलिक सिंह
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – दैनिक आशंका बुलेटिन, सहारनपुर

📞 खबर, विज्ञापन और सूचना हेतु संपर्क: 8217554083

Back to top button
error: Content is protected !!