
सुरेन्द्र दुबे डिस्टिक हेड
धार 27 फरवरी 2026।* इंदौर, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के खंडवा रोड स्थित स्कूल ऑफ डाटा साइंस एंड फॉरेकास्टिंग कॉलेज के सेमिनार हॉल में नशा मुक्ति विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा।
यह कार्यक्रम देवी अहिल्या विश्वविद्यालय द्वारा भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत संचालित नशामुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं, महिलाओं और समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी एवं समाजसेवी डॉ. विशाल दामके ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सूखे नशों—जैसे व्हाइटनर, पेट्रोल, थिनर आदि—के खतरों पर विशेष प्रकाश डाला और बताया कि किस प्रकार बच्चे व युवा इनके शिकार हो रहे हैं। साथ ही, साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया ताकि वे किसी प्रकार के साइबर फ्रॉड का शिकार न हों।
डॉ. दामके ने हु अभिमन्यु अभियान की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि योग, व्यायाम, खेलकूद तथा आध्यात्मिक गतिविधियाँ (भजन-भक्ति) के माध्यम से नशे की लत से छुटकारा पाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. ए.वी. बजाज (देवी अहिल्या पूर्व छात्र संघ), डॉ. संजीव तोतेकर (विभागाध्यक्ष, डाटा साइंस एवं पूर्वानुमान विभाग, एसडीएसएफ) एवं डॉ. वंदित हेडौ (प्रोफेसर, एसडीएसएफ) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन खुशी डोशी द्वारा किया गया।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सहभागिता रही और सभी ने नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
On Fri, 27 Feb, 2026, 8:20 pm pro dhar, <dharpro2015@gmail.com> wrote:
*देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में नशा मुक्ति कार्यशाला आयोजित*
*युवाओं को नशामुक्त भारत की शपथ दिलाई*
*धार 27 फरवरी 2026।* इंदौर, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के खंडवा रोड स्थित स्कूल ऑफ डाटा साइंस एंड फॉरेकास्टिंग कॉलेज के सेमिनार हॉल में नशा मुक्ति विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा।
यह कार्यक्रम देवी अहिल्या विश्वविद्यालय द्वारा भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत संचालित नशामुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं, महिलाओं और समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी एवं समाजसेवी डॉ. विशाल दामके ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सूखे नशों—जैसे व्हाइटनर, पेट्रोल, थिनर आदि—के खतरों पर विशेष प्रकाश डाला और बताया कि किस प्रकार बच्चे व युवा इनके शिकार हो रहे हैं। साथ ही, साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया ताकि वे किसी प्रकार के साइबर फ्रॉड का शिकार न हों।
डॉ. दामके ने हु अभिमन्यु अभियान की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि योग, व्यायाम, खेलकूद तथा आध्यात्मिक गतिविधियाँ (भजन-भक्ति) के माध्यम से नशे की लत से छुटकारा पाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. ए.वी. बजाज (देवी अहिल्या पूर्व छात्र संघ), डॉ. संजीव तोतेकर (विभागाध्यक्ष, डाटा साइंस एवं पूर्वानुमान विभाग, एसडीएसएफ) एवं डॉ. वंदित हेडौ (प्रोफेसर, एसडीएसएफ) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन खुशी डोशी द्वारा किया गया।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सहभागिता रही और सभी ने नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।