

बगहा पुलिस जिला क्षेत्र में वन भूमि पर आवास अधिकार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इसी मुद्दे पर शुक्रवार को सिकटा के पूर्व विधायक वीरेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में भाकपा माले और आदिवासी संघर्ष मोर्चा के सैकड़ो कार्यकर्ता ने अनुमंडल कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम चांदनी कुमारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं बताई।
ज्ञापन में आरोप लगाया कि वन विभाग जंगल से सटे विभिन्न पंचायत में रहने वाले आदिवासियों और परंपरागत वनवासियों की आवासीय एवं कृषि भूमि पर कब्जा कर रहा है। इसे वन अधिकार कानून 2006 का उल्लंघन बताया गया है।
वन विभाग जबरन बेदखली की कार्रवाई कर रहा है
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि वन विभाग जबरन बेदखली की कार्रवाई कर रहा है। पुराने समय की बंदोबस्ती और रामनगर राज्य द्वारा दिए गए पट्टों को रद्द कर मालगुजारी रसीदे जारी करना भी बंद कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनो से गनौली, मदनपुर रेंज, कटहरवा, नौतनवा और रामनगर सहित कई पंचायत में जमीन को वन भूमि घोषित कर कार्रवाई की जा रही है। आरोप है कि इस दौरान बुलडोजर चलाकर घर तोड़े गए और गेहूं मसूर तथा गाना जैसी फसलों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
वाल्मिकीनगर टाइगर रिजर्व का क्षेत्र पहले 840 वर्ग किलोमीटर था
ग्रामीणों के अनुसार, वाल्मिकीनगर टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल 840 वर्ग किलोमीटर था , जिसे बढाकर लगभग 981 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरुप कई गांवों की जमीन वन क्षेत्र में शामिल हो गई है।
उनका कहना है कि वह वन अधिकार कानून के तहत उनके दावों का अब तक निपटारा नहीं हुआ है। इसके अलावा, किसी भी अदालत या सक्षम समिति का बेदखली का कोई आदेश भी नहीं है प्रशासन की ओर से इन कारवाइयों को अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया बताया जा रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है की उनके भूमि अधिकारों का जल्द समाधान किया जाए और बेदखली पर तत्काल रोक लगाई जाए। इस प्रदर्शन में नंदकिशोर महतो, परशुराम यादव, लाल बाबू प्रसाद, भिखारी प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद और प्रदीप ठाकुर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे






