

महराजगंज।
महराजगंज में “बहू–बेटी सम्मेलन” पर कार्यशाला आयोजित, महिला व बाल सुरक्षा को लेकर बनी रणनीति
महराजगंज पुलिस लाइन सभागार में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से “बहू–बेटी सम्मेलन” पर एकदिवसीय अभिमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम UNICEF और PGSS के सहयोग से आयोजित हुआ।

कार्यशाला का आयोजन दोपहर 12 बजे से शाम 4:30 बजे तक पुलिस लाइन सभागार में किया गया, जिसका संचालन पुलिस उपाधीक्षक बसंत सिंह ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिवशिम्पी चनप्पा रहे, जबकि एसपी शक्ति मोहन अवस्थी और नवनीत गोयल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में जिले के सभी पुलिस सर्किलों के अधिकारी, मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी, महिला पुलिस कर्मी, बीडीओ, विभिन्न विभागों के अधिकारी, एनजीओ प्रतिनिधि तथा यूनिसेफ टीम ने भाग लिया।
कार्यशाला की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और पौधा भेंट कर की गई। इसके बाद पीजीएसएस के निदेशक फादर शाजी जोसेफ ने स्वागत भाषण दिया और यूनिसेफ के राज्य सलाहकार महर्षि अग्निहोत्री ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने बहू–बेटी सम्मेलन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए माइक्रोप्लान तैयार करने पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि शिवशिम्पी चनप्पा ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के ‘तहत थानों में स्थापित केंद्र महिलाओं की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “बहू–बेटी सम्मेलन” के माध्यम से संवाद और काउंसलिंग से दहेज जैसे मामलों में कमी आई है।
कार्यशाला में विभिन्न विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे—
यूनिसेफ की पल्लवी राय ने “डेटा स्पीक्स” विषय पर महिलाओं के खिलाफ हिंसा के रुझानों को समझाया।
शैलेश प्रताप सिंह ने सम्मेलन की कार्यप्रणाली और सामुदायिक मॉडल पर चर्चा की।
जेंडर विशेषज्ञ सुखपाल कौर ने सामाजिक दृष्टिकोण और जेंडर आधारित मुद्दों पर प्रकाश डाला।
विधि विशेषज्ञ आलिमा जैदी ने महिला व बाल संरक्षण कानूनों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में सभी विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर महिला एवं बाल सुरक्षा को और मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि इस पहल के सकारात्मक परिणाम भविष्य में और प्रभावी रूप से सामने आ सकें।
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