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दान सत्यकर्म ही कल्याण कीयुक्ति है और यही मुक्ति का मार्ग है राष्ट्र संत चिन्मयानंद बापू

विजय कुमार बंसल हरिद्वार ब्यूरो

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हरिद्वार वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोज मनोजानंद भूपतवाला स्थित प्रसिद्ध श्री चिन्मय धाम में प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान श्री चिन्मयानंद बापू जी के पावन सानिध्य में विशाल संत भंडारे का भव्य आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों ने बड़ी संख्या में सहभाग कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। संपूर्ण धाम भक्तिमय वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार एवं संत वाणी से गुंजायमान रहा।

इस अवसर पर अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में राष्ट्र संत बापू चिन्मयानंद जी महाराज ने कहा कि धर्म, कर्म, यज्ञ, अनुष्ठान एवं ईश्वर के प्रति अटूट आस्था ही मनुष्य के कल्याण का वास्तविक मार्ग है। उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में अपने आध्यात्मिक मूल्यों से दूर होता जा रहा है, जबकि वास्तविक शांति केवल प्रभु भक्ति, सेवा और सत्संग से ही प्राप्त होती है। संतों का सानिध्य मनुष्य के जीवन को नई दिशा देता है तथा उसे सत्य, प्रेम और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान करता है।उन्होंने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसे केवल सांसारिक इच्छाओं में व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। जो व्यक्ति अपने जीवन में धर्म, दया, सेवा, संयम और सदाचार को अपनाता है, वही वास्तव में जीवन को सार्थक बनाता है। ईश्वर में श्रद्धा रखने वाला व्यक्ति कभी निराश नहीं होता, क्योंकि प्रभु की कृपा सदैव उसके साथ रहती है। उन्होंने कहा कि संतों के बताए मार्ग पर चलकर ही मनुष्य अपने जीवन को सफल, शांतिमय और कल्याणकारी बना सकता है।

बापू जी महाराज ने आगे कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति सदैव “वसुधैव कुटुंबकम्” का संदेश देती आई है। सेवा, परोपकार और भक्ति भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। जब मनुष्य दूसरों के दुख को अपना दुख समझकर सेवा करता है, तभी उसके जीवन में सच्चे आनंद और आत्मिक संतोष का उदय होता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में संस्कार, सदाचार और अध्यात्म को अपनाकर राष्ट्र एवं समाज के निर्माण में योगदान दें।कार्यक्रम के दौरान संतों का भव्य स्वागत एवं पूजन किया गया तथा विशाल संत भंडारे में उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। संपूर्ण आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मेरठ इंटर कॉलेज से पधारी माताजी ने इस भंडारे का आयोजन कराया इस अवसर पर महंत सूरज दास महाराज महंत दुर्गादास महाराज महंत हितेश दास महाराज महंत प्रहलाद दास महाराज महंत किशोर दास महाराज सहित भारी संख्या में संत महापुरुष तथा भक्तजन उपस्थित थे

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