बस्ती: 20 हजार के कर्ज पर ‘देह व्यापार’ की धमकी, सूदखोरों के आगे नतमस्तक क्यों है प्रशासन?
दुबौलिया में कानून का 'चीरहरण': दबंग सूदखोरों ने गर्भवती महिला की आबरू को बनाया निशाना!
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती में ‘यमराज’ बने सूदखोर: पत्नी की आबरू और जान पर बन आई, दुबौलिया पुलिस बनी मूकदर्शक?
- खाकी की नाक के नीचे ‘सूदखोरों का तांडव’, क्या बस्ती में अब माफियाओं का ही चलता है राज?
- बस्ती में ‘यमराज’ बने सूदखोर: 46 हजार देने के बाद भी एक लाख की मांग, परिवार पर मंडराया मौत का खतरा!
- क्या बस्ती में सुरक्षित है गरीब की बेटी? सूदखोरों की धमकी से सहमा पूरा परिवार!
बस्ती, 23 मई: क्या बस्ती जिले में कानून का राज खत्म हो गया है? क्या गरीब की बहू-बेटियों की इज्जत और जान की कीमत अब चंद रुपयों में तौल दी जाएगी? दुबौलिया थाना क्षेत्र से आई एक दहला देने वाली घटना ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। यहाँ ‘सुड्डू दूबे’ और ‘भीम सिंह’ नाम के दो दबंग सूदखोरों ने कानून को अपनी जेब में रखकर एक परिवार को नरक बना दिया है।
20 हजार का कर्ज और ‘देह व्यापार’ की घिनौनी धमकी
मामला दुबौलिया के अजय का है। पत्नी के इलाज के लिए मार्च 2025 में लिए गए 20 हजार के कर्ज को ये सूदखोर ‘कुबेर का खजाना’ समझ बैठे हैं। अजय ने अब तक ब्याज समेत 46 हजार रुपये लुटा दिए हैं, लेकिन इन दरिंदों की भूख नहीं मिटी। अब ये खुलेआम एक लाख रुपये और मांग रहे हैं। हद तो तब हो गई जब इन अपराधियों ने अजय को धमकी दी कि यदि रुपये नहीं मिले, तो उसकी 7 माह की गर्भवती पत्नी को उठाकर ‘देह व्यापार’ में झोंक देंगे।
वर्दी के साये में पनप रहा आतंक
पीड़ित का आरोप है कि ये सूदखोर न केवल मारपीट करते हैं, बल्कि जबरन घर से उठाकर बंधक बनाते हैं। 12 अप्रैल 2026 को अजय को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया और उसकी पत्नी को धमकाकर जबरन वीडियो बनवाए गए। समाज में इनका खौफ ऐसा है कि पीड़ित अब अपने परिवार की जान बचाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। सुड्डू दूबे और भीम सिंह जैसे अपराधिक छवि के लोग खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस का ‘इकबाल’ इन पर भारी नहीं पड़ रहा।
प्रशासन से सवाल: क्या किसी अनहोनी का इंतजार है?
अजय ने एसपी के सामने न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन सवाल यह है कि ऐसे ‘मनबढ़’ अपराधियों के खिलाफ अब तक कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या बस्ती पुलिस को इंतजार है कि ये दबंग किसी बड़ी अनहोनी को अंजाम दें?
बस्ती मंडल की जनता जानना चाहती है—क्या दुबौलिया में वर्दी का खौफ है या फिर इन सूदखोरों की दबंगई का? यदि समय रहते इन दरिंदों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो जनता का प्रशासन से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा।














