
फूट डालो और राज करो” भाजपा की पुरानी नीति : कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे
महंगाई-बेरोजगारी छोड़ धर्मांतरण पर राजनीति कर रही भाजपा : आलोक दूबे
जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटका रही भाजपा : आलोक कुमार दूबे
पेसा कानून और सरना धर्म कोड से भाजपा को क्यों डर? कांग्रेस का सवाल
रांची, 24 मई : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की राजनीति हमेशा समाज को बांटने और लोगों को आपस में लड़ाने की रही है। कभी धर्म के नाम पर, कभी बाहरी-भीतरी के नाम पर, कभी हिंदू-मुस्लिम और अब धर्मांतरण के मुद्दे को उछालकर भाजपा जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस की स्थापना से ही उनकी राजनीति “फूट डालो और राज करो” की नीति पर आधारित रही है।
कांग्रेस पार्टी हमेशा सभी समुदायों और वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है, जबकि भाजपा लगातार समाज को विखंडित करने का काम कर रही है।
आलोक कुमार दूबे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरना धर्म कोड लागू करने से भाग रही है और आदिवासी समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को पेसा कानून से भी समस्या है और वह आदिवासी अधिकारों को कमजोर करना चाहती है।
देश और राज्य की जनता आज महंगाई, बेरोजगारी, गिरती अर्थव्यवस्था, दुष्कर्म की घटनाओं, बिजली-पानी संकट, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। लेकिन भाजपा इन गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के बजाय मंदिर-मस्जिद, धर्मांतरण और सांप्रदायिक राजनीति में लगी हुई है।
दूबे ने उत्तर प्रदेश में उत्पन्न विद्युत संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों में आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान है। उन्होंने केंद्र सरकार और “गोदी मीडिया” पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को वास्तविक मुद्दों से भटकाने के लिए पाकिस्तान से तुलना की जाती है, जबकि वहां पेट्रोल की कीमतों में 6 रु कमी की खबरें सामने आ रही हैं और भारत में लगातार महंगाई बढ़ रही है।
कांग्रेस पार्टी जनता के असली मुद्दों को लेकर संघर्ष करती रहेगी और भाजपा की विभाजनकारी राजनीति का मजबूती से जवाब देगी।











