
*मेडिकल कॉलेज प्रशासन सख्त दलाली करते पकड़े जाने पर सीधा जेल*
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अयोध्या
राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में हुई अहम बैठक में अस्पताल व्यवस्था सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ जिम्मेदारी तय करने और सजा निर्धारित करने का फैसला लिया गया। अस्पताल परिसर में स्टूडेंट्स व दवा के दलाल द्वारा की जा रही दलाली को पूरी तरह समाप्त करने का निर्देश दिया गया। अग्नि सुरक्षा को लेकर सभी कर्मचारियों को छोटे समूहों में वार्डों में 15-20 मिनट की फायर ट्रेनिंग दी जाएगी।
निजी एम्बुलेंस को अस्पताल परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया। उल्लंघन करने वालों की फोटो खींचकर ग्रुप में शेयर करने और उच्चाधिकारियों को सूचित करने का फैसला हुआ। परिसर में आवारा कुत्तों को हटाने के लिए नगर निगम को पत्र भेजा जाएगा।
डॉ. विवेक पांडे को अस्पताल रखरखाव (इंफ्रास्ट्रक्चर, हाउसकीपिंग, इलेक्ट्रिकल, उपकरण, स्टरलाइजेशन, लॉन्ड्री आदि) की नोडल जिम्मेदारी सौंपी गई। डॉ. लता त्रिपाठी, डॉ. प्रशांत पांडे व डॉ. धीरेंद्र सिंह को अवकाश प्रबंधन, स्टाफ शिकायत निवारण व अनुशासन की जिम्मेदारी दी गई।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई। तीमारदारों के लिए विजिटिंग कार्ड अनिवार्य कर दिए गए। कर्मचारियों के लिए वाहन पास स्टिकर और आईडी कार्ड साथ रखना जरूरी होगा। किसी भी स्टाफ विवाद में पहले अस्पताल प्रशासन को सूचित करना होगा, अन्यथा प्रशासन जिम्मेदारी नहीं लेगा।
बैठक में तीन कर्मचारियों (वार्डबॉय सुभाष चंद्र, नर्सिंग स्टाफ सार्थक द्विवेदी व विकास सिंह) की अनुपस्थिति पर शिकायतें दर्ज की गईं और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। ईमानदारी से कार्य न करने वाले सुपरवाइजरों को तुरंत हटाने का सख्त आदेश दिया गया।





