
धनबाद के सदर अस्पताल में एक बार फिर आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उच्च गुणवत्ता की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई गई।
इस संबंध में उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार प्रसाद ने बताया कि आज परमिला देवी, आशा देवी एवं राखी देवी को सफल उपचार के उपरांत पूर्णतः स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।
बताया कि परमिला देवी एवं आशा देवी लंबे समय से अत्यधिक मासिक धर्म एवं अत्यधिक रक्तस्राव से पीड़ित थीं। लगातार रक्तस्राव के कारण दोनों महिलाओं में गंभीर रक्ताल्पता (एनीमिया) हो गई थी, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था। सदर अस्पताल आने पर दोनों की आवश्यक जांच कराई गई तथा रक्त की कमी को रक्त चढ़ाकर एवं आवश्यक उपचार करके दूर किया गया।
इसके बाद डॉ. संजीव कुमार प्रसाद के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम द्वारा दोनों मरीजों का सफल हिस्टेरेक्टॉमी ऑपरेशन किया गया। वर्तमान में दोनों मरीज पूर्णतः स्वस्थ हैं तथा प्रसन्नतापूर्वक अपने घर लौट रही हैं।
वहीं राखी देवी को लगभग 10 वर्ष पूर्व कॉपर-टी लगाया गया था। समय पूरा होने के बाद भी कई स्थानों पर प्रयास करने के बावजूद कॉपर-टी नहीं निकाला जा सका। अंततः उन्होंने सदर अस्पताल, धनबाद का रुख किया। यहां आवश्यक जांच के उपरांत डॉ. संजीव कुमार प्रसाद द्वारा सफलतापूर्वक कॉपर-टी निकाल दिया गया।
उपचार के बाद राखी देवी ने राहत व्यक्त करते हुए सदर अस्पताल प्रशासन एवं चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इन तीनों मरीजों के उपचार पर निजी अस्पतालों में लगभग ₹90,000 से ₹1,00,000 तक का खर्च आ सकता था। किंतु आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत इन सभी का उपचार पूर्णतः निःशुल्क किया गया, जिससे मरीजों एवं उनके परिवारों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।
डिस्चार्ज के अवसर पर तीनों मरीजों ने झारखंड सरकार, स्वास्थ्य विभाग, आयुष्मान भारत योजना, जिला प्रशासन तथा सदर अस्पताल के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें बिना किसी आर्थिक चिंता के उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा प्राप्त हुई।
डॉ. संजीव कुमार प्रसाद ने कहा कि सदर अस्पताल, धनबाद में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में स्त्री एवं प्रसूति रोगों सहित विभिन्न जटिल शल्य चिकित्साएं नियमित रूप से सफलतापूर्वक की जा रही हैं। अस्पताल का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद मरीज को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे।







