विश्व आदिवासी दिवस को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी शुरू
राजा बरियार शाह आदिवासी समिति की बैठक में एकजुटता, संस्कृति संरक्षण और भव्य आयोजन का लिया गया संकल्प
विंढमगंज सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_आगामी 09 अगस्त 2026 को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस को ऐतिहासिक, भव्य एवं गरिमामय स्वरूप देने के उद्देश्य से राजा बरियार शाह आदिवासी समिति, केवाल के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आदिवासी समाज के प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों, युवाओं एवं समिति के पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा आयोजन की व्यापक तैयारियों पर विस्तार से मंथन किया।
बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, पारंपरिक वेशभूषा एवं लोक संस्कृति के प्रदर्शन, समाज के अधिकाधिक लोगों की सहभागिता तथा आयोजन की सफलता के लिए जिम्मेदारियों का निर्धारण किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता, गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, भाषा, परंपराओं एवं सामाजिक पहचान को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि बदलते समय में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए युवाओं को समाज के महापुरुषों, स्वतंत्रता संग्राम एवं सामाजिक संघर्षों के इतिहास से अवगत कराने के साथ-साथ शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, संगठन और आत्मसम्मान की भावना को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज की सांस्कृतिक धरोहर, लोकगीत, लोकनृत्य एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों का प्रदर्शन कर सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया जाएगा। कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रत्येक गांव एवं टोले से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष विजय सिंह ओइके ने कहा कि आदिवासी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता, संस्कृति और सामूहिक सहभागिता है। यदि समाज संगठित होकर अपनी परंपराओं और अधिकारों के प्रति सजग रहेगा, तो उसकी पहचान और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने सभी समाजबंधुओं से 09 अगस्त को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में परिवार सहित उपस्थित होकर आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की अपील की।
बैठक में उपाध्यक्ष जय प्रकाश आयाम, सचिव एडवोकेट राजेंद्र प्रसाद, कोषाध्यक्ष सोमारु मरकाम, संरक्षक राजेश रावत सहित आदिवासी समाज के अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी ने विश्व आदिवासी दिवस समारोह को अभूतपूर्व सफलता दिलाने तथा समाज की संस्कृति, परंपरा और एकजुटता का प्रभावी संदेश देने का सामूहिक संकल्प लिया।
















