उत्तर प्रदेशबस्ती

बस्ती में भूमाफियाओं के हौसले बुलंद: दीवानी और हाईकोर्ट में मुकदमा लंबित होने के बावजूद करोड़ों की पुश्तैनी जमीन पर दबंगों का अवैध कब्जा और निर्माण जारी।

पीड़ित पक्षों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा खूनी संघर्ष या हादसा हो सकता है। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी बस्ती जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की होगी।

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती में भूमाफियाओं के हौसले बुलंद: दीवानी और हाईकोर्ट में मुकदमा लंबित, फिर भी करोड़ों की पुश्तैनी जमीन पर दबंगों का अवैध कब्जा जारी!

  • बिना धारा 24 की पैमाइश के कब्जा: पवनेश पटेल पर जमीन का बैनामा न होने के बावजूद, गाटा संख्या 22/12 का हवाला देकर गाटा संख्या 12 पर जबरन नींव खोदकर निर्माण का आरोप।
  • प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका: पीड़ितों का आरोप—हल्का लेखपाल और कानूनगो की साठगांठ से कराई जा रही है गलत पैमाइश, 112 पुलिस की चेतावनी को भी दबंग ने ठेंगा दिखाया।
  • DM और SP से न्याय की गुहार: पाण्डेय बाजार रेहरवा के दर्जनों पीड़ितों ने 31 जुलाई 2026 को शिकायती पत्र देकर निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने की मांग की।
  • प्रशासन को बड़ी चेतावनी: पीड़ितों ने साफ कहा—यदि अवैध निर्माण नहीं रुका तो कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बस्ती प्रशासन की होगी।

बस्ती: जिले में कानून और प्रशासन के इकबाल को ठेंगा दिखाकर भूमाफियाओं और दबंगों के हौसले किस हद तक बढ़ चुके हैं, इसकी बानगी बस्ती सदर तहसील के मौजा बस्ती खास, तप्पा पडिया (पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के अंतर्गत पाण्डेय बाजार बाबा शंकर दास मंदिर रेहरवा) में देखने को मिल रही है। बिना किसी कानूनी पैमाइश के, अदालतों के आदेशों को ताक पर रखकर और पुलिस की चेतावनियों को ठेंगा दिखाकर करोड़ों की बेशकीमती जमीन पर जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

​क्या है पूरा मामला?

​पीड़ित परिवारों—अजय सोनकर, कलावती देवी, जगदीश सोनकर, राजू सोनकर, कन्हैया सोनकर, राकेश सोनकर, संदीप सोनकर, रामदुलारे सोनकर, विकास सोनकर, गुड्डू सोनकर, रमेश सोनकर और प्रदीप सोनकर—ने 31 जुलाई 2026 को जिला कलेक्टर (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।

​पीड़ितों का आरोप है कि दबंग पवनेश पटेल (पुत्र राम सहाय चौधरी) के नाम पर उस जमीन पर एक इंच भी भूमि दर्ज नहीं है। इसके बावजूद, उसने कुछ अन्य लोगों से जमीन का बैनामा गाटा संख्या 22/12 के नाम पर कराया है, लेकिन वह अवैध रूप से गाटा संख्या 12 पर जबरन कब्जा जमा रहा है।  IMG 20260801 WA0228

​कानून और अदालतों की सरेआम धज्जियां

  • न्यायालय में विचाराधीन मामला: यह जमीन का विवाद वर्तमान में दीवानी कोर्ट से लेकर माननीय उच्च न्यायालय (High Court) तक विचाराधीन है। इसके बावजूद दबंग निर्माण कार्य रोकने का नाम नहीं ले रहा है।
  • धारा 24 की पैमाइश का अभाव: उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 24 के तहत बिना विधिवत पैमाइश और चिन्हांकन के सीधे नींव खोदकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
  • लेखपाल और कानूनगो की संलिप्तता: पीड़ितों का आरोप है कि हल्का लेखपाल और कानूनगो की मिलीभगत से गलत पैमाइश और चिन्हांकन का खेल खेला जा रहा है, जिसके बल पर दबंगई दिखाई जा रही है।

​पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल

​यह मामला पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी बड़े सवाल खड़े करता है:

  • 112 पुलिस की अनदेखी: मौके पर पहुंची 112 नंबर की पुलिस ने दबंग को निर्माण कार्य करने से साफ रोका था, लेकिन पुलिस के जाने के बाद दबंग ने बेखौफ होकर फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
  • प्रशासन की चुप्पी: अदालतों में मुकदमा चलने और लगातार शिकायतों के बावजूद स्थानीय प्रशासन और पुलिस का सुस्त रवैया भूमाफियाओं के हौसलों को और हवा दे रहा है।

​पीड़ितों की दो टूक चेतावनी

​पीड़ित पक्षों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी कोई बड़ा खूनी संघर्ष या हादसा हो सकता है। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी बस्ती जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की होगी।

​अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक इस गंभीर मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए धारा 24 के तहत निष्पक्ष पैमाइश कराकर खातेदारों का रकबा सुरक्षित करेंगे या फिर यूं ही किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाता रहेगा?

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