
उद्यम क्रांति योजना के तहत लोन कर एक लाख दस हजार डकार गया यूनियन बैंक का मैनेजर
यूनियन बैंक अमरपाटन का पूर्व प्रबंधक
वर्तमान यूनियन बैंक मैहर के प्रबंधक आशीष यादव का
एक कारनामा इनदिनों सुर्खिया बटोर रहा है। प्रार्थिया
पूरे मामले की शिकायत आज कलेक्टर मैहर के समक्ष
जन सुनवाई में उपस्थित होकर की है साथ ही न्याय की
गुहार लगाई है। परसवाही निवासी शिकायतकर्ता
अनार कली पटेल ने कलेक्टर मैहर से शिकायत कर
लिखा है कि उद्यम क्रांति योजना के तहत उसे यूनियन
बैंक से 8 लाख रुपये का बिजनेस लोन मिला। महिला
ने आरोप लगाए की यूनियन बैंक प्रबंधक आशीष
यादव उनसे लोन स्वीकृत करने के एवज में एक लाख
दस हजार रुपये की मांग कर रहा था जब उसने लोन
के पैसों से घूस देने से मना कर दिया तो उस लोन में
उसने जो भी अपने कोटेशन लगाए थे उनमें से एक
कोटेशन को प्रबंधक आशीष यादव ने कैंसिल कर एक
लाख दस हजार रु की डीडी किसी सतना के दिलीप
ट्रेडर्स के नाम से बना के डकार लिए। जबकि उसने
जितना भी कोटेशन पूर्व में लगाया था वह विनीत
चौरसिया अमरपाटन के लगाए थे। ये दिलीप ट्रेडर्स
कहा का है कौन है इसकी दुकान कहा है क्या व्यापार
करता है शिकायत कार्ता को आज भी नही पता।
मामले की जब पड़ताल की गई तो मैनेजर आशीष
यादव ने बताया कि दिलीप ट्रेडर्स सतना का कोई
व्यापारी है। लेकिन उसे महिला आज भी नही जानती
न ही उसका कोई कभी कोटेशन दिया।
एक लाख दस हजार रु जब दिलीप ट्रेडर्स के
नाम से उसके खाते से कटे तो महिला दूसरे दिन
प्रबंधक आशीष यादव के पास गई तो उसने तीन सादे
कागजो में उससे दस्तखत कराया और बोला कि एक
हफ्ते के अंदर आपकी रकम एक लाख दस हजार रु
आपके खाते में आ जाएंगे। मेरे द्वारा लगातार पूंछे जाने
पर प्रबंधक आशीष यादव उन्हें बरगलाता रहा और
कुछ दिन बाद उसका ट्रांसफर अमरपाटन से मैहर
यूनियन बैंक में हो गया। जबसे प्रबंधक आशीष यादव
मैहर आया इसने प्रार्थिया का फोन उठाना बंद कर
दिया बैंक में मिलने जाने पर फसा देने जेल भेजवा देने
की धमकी देने लगा। महिला प्रबंधक आशीष यादव
की प्रताड़ना से तंग आ चुकी है साथ ही लोन में की गई
धोखाधड़ी से परेसान है। इस दौरान प्रबंधक और
शिकायतकर्ता के बातचीत एक लाख दस हजार के
गवन के कई आडियो वीडियो मौजूद है। जिसे खबरों
के साथ आगे प्रसारित किया जाएगा जिससे यह बात
साबित हो सकती है कि मामले में कुछ तो काला पीला
प्रबंधक ने किया है जिससे महिला परेसान है। बातचीत
के दौरान महिला ने बताया कि जब ये प्रबंधक लोन में
घूस मांग रहा था तो महिला द्वारा लोकायुक्त रीवा की
टीम से भी संपर्क किया था लेकिन बाद में प्रबंधक ने
घूस नकद न लेकर दिलीप ट्रेडर्स के नामपर डीडी बना
ले लिया। मामले में अब देखना यह होगा कि
कलेक्टर महोदया क्या संज्ञान लेती है।




