
बरेली। दुष्कर्म की शिकार किशोरी के आत्मदाह मामले में पुलिस ने दोनों नाबालिग आरोपियों को किशोर सदन भेज दिया है। घटना में सामूहिक दुष्कर्म की धारा भी बढ़ाई गई है पर आत्महत्या को उकसाने की धारा में कार्रवाई लैब से विसरा की रिपोर्ट आने के बाद होगी।
भोजीपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव में 26 अगस्त को नवीं की छात्रा को गांव में रहने वाले दो हमउम्र छात्र घर से बुलाकर उसी के पिता के गन्ने के खेत में ले गए थे। एक छात्र ने उसके हाथ पकड़े और दूसरे ने दुष्कर्म किया था। चीख-पुकार पर छात्रा की बड़ी बहन के पहुंचने पर दोनों फरार हो गए। पुलिस जांच के मुताबिक जानकारी पर परिजनों ने छात्रा की डांट लगाई थी। छात्रा ने 27 अगस्त को बदनामी की वजह से शरीर पर डीजल छिड़ककर आग लगा ली थी ।
परिजन गंभीर हालत में उसे शहर के निजी अस्पताल में ले गए थे। वहां डॉक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज भेज दिया। छात्रा की रास्ते में मृत्यु हो गई। पुलिस ने छात्रा के पिता की तहरीर पर गांव निवासी दोनों किशोरों पर रिपोर्ट दर्ज की। अटामांडा कॉलेज के पास तिराहे से एसओ रामरतन सिंह व चौकी इंचार्ज धौराटांडा संजय कुमार ने इन्हें गिरफ्तार करने का दावा किया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों छात्र अव्यस्क हैं। इसलिए किशोर सदन भेजा गया है। इनके खिलाफ दुष्कर्म और आत्महत्या को उकसाने की रिपोर्ट थी, अब सामूहिक दुष्कर्म की धारा में कार्रवाई हुई है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा की मौत जलने से होना नहीं बताई गई। उसका शरीर तो 60 फीसदी जला था पर कार्बन के कण श्वांस नली में नहीं मिलने से पेच फंस गया। विसरा लैब भेजा गया है। एसओ ने बताया कि लैब से मौत की वजह स्पष्ट होने के बाद ही आत्महत्या को उकसाने की धारा मुकदमे में कायम रखने या न रखने पर निर्णय लिया जाएगा।







