
वाराणसी महेश दुबे की रिपोर्ट
- बाबा भोलेनाथ की नगरी काशी में पिछले एक सप्ताह से हिंदू सनातनियों के मंदिरों में स्थापित साई बाबा
की मूर्तियों का विरोध किया जा रहा था और उसे शांतिपूर्ण ढंग से ससम्मान हटाने का कार्य किया जा रहा था । कल रात यानी की 2 अक्टूबर को रात्रि 2:00 बजे के आसपास उन्हें बिना नंबर की गाड़ी में कबीर चौरा से उठा लिया गया समर्थकों द्वारा खोज बीन करने पर ज्ञात हुआ कि उन्हें पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है पूरी रात में उन्हें चितईपुर चौकी पर रखा गया और आज सुबह 3 अक्टूबर को पहले कबीर चौरा फिर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अस्पताल में ले जाया गया वहां से विधिक कार्यों हेतु पुलिस लाइन ले गए जहां से उन्हें जिला कारागार भेज दिया गया। समर्थकों का कहना है कि उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए न्यायालय में जाने तक का मौका नहीं दिया गया और उन्हें पूरे दिन इधर-उधर घूम कर जेल में डाल दिया गया आपको बताते चलें की पंडित अजय शर्मा दिल के मरीज हैं और उनका हाल में ही ऑपरेशन हुआ है ऐसे में यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी ऐसा उनके समर्थकों द्वारा कहां जा रहा है । प्रशासन को उन्हें अपना पक्ष रखने का समय देना चाहिए था इस बात को लेकर उनके समर्थकों में रोष व्याप्त है….
की मूर्तियों का विरोध किया जा रहा था और उसे शांतिपूर्ण ढंग से ससम्मान हटाने का कार्य किया जा रहा था । कल रात यानी की 2 अक्टूबर को रात्रि 2:00 बजे के आसपास उन्हें बिना नंबर की गाड़ी में कबीर चौरा से उठा लिया गया समर्थकों द्वारा खोज बीन करने पर ज्ञात हुआ कि उन्हें पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है पूरी रात में उन्हें चितईपुर चौकी पर रखा गया और आज सुबह 3 अक्टूबर को पहले कबीर चौरा फिर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अस्पताल में ले जाया गया वहां से विधिक कार्यों हेतु पुलिस लाइन ले गए जहां से उन्हें जिला कारागार भेज दिया गया। समर्थकों का कहना है कि उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए न्यायालय में जाने तक का मौका नहीं दिया गया और उन्हें पूरे दिन इधर-उधर घूम कर जेल में डाल दिया गया आपको बताते चलें की पंडित अजय शर्मा दिल के मरीज हैं और उनका हाल में ही ऑपरेशन हुआ है ऐसे में यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी ऐसा उनके समर्थकों द्वारा कहां जा रहा है । प्रशासन को उन्हें अपना पक्ष रखने का समय देना चाहिए था इस बात को लेकर उनके समर्थकों में रोष व्याप्त है….





