
सागर। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज संवाददाता सुशील द्विवेदी। छतरपुर के ईशानगर में नियमों को ताक पर रखकर मनमाने दामों पर खुलेआम हो रही शराब की बिक्री व मिलावटी शराब के धंधे पर कार्रवाई न होना चर्चाओं का विषय बना हुआ है। न तो किसी दुकान में रेट लिस्ट और न ही कोई नियम शराब माफिया मनमाने दामों पर शराब का विक्रय कर रहे हैं, वह भी अधिकांश दुकानों में नकली माल खपाया जा रहा है। तो वहीं छतरपुर जिले का आबकारी अमला न तो कभी दुकानों का रुख कर उनकी जांच परख कर रहा है और न ही उन पर किसी प्रकार की लगाम लगा रहा है, जिस पर मिलीभगत की चर्चा जोरों पर है, जिसकी वानगी भी महाकाल एसोसिएट की शराब दुकान ईशानगर से सामने आया हैं। जहां शराब ठेकेदार द्वारा देशी शराब क्वार्टर में मिलावट करने का वीडियो वायरल हुआ है। जिस में साफ तौर से देखा जा रहा है कि गाड़ी डाल के सारे पर कर्मचारी देसी शराब क्वार्टर में मिलावट करते साफ तौर देखा जा सकता हैं। कलेक्टर पार्थ जैसबाल एवं एसपी अगम जैन ने मामले का संज्ञान लेते हुए लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले ठेकेदार पर कार्यवाही करने की बात की है। वहीं आबकारी अधिकारियों को मौके पर भेज कर मामले की जांच कर दोषियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों की मानें तो मिलावटी शराब की खपत कर माफिया मनमाने दामों पर शराब का विक्रय कर जहां एक क्वार्टर में भरपूर नशा हो जाता था लेकिन अब दो से तीन क्वार्टर पीने के बाद भी लोगों को कोई नशा नहीं होता। वहीं मिलावटी शराब से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव भी पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ईशानगर की दुकान में बिकने वाली शराबों के टेस्ट में अंतर है, जिसकी कई मर्तबा लोगों ने दुकानदार से शिकायत की, लेकिन उनका साफ कहना है जैसा माल मिल रहा है, वैसा ही बेचा जा रहा है। जबकि यदि संबंधित विभाग सेम्पलिंग लेकर जांच कराये तो दूध का दूध और बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है। क्योकि अब तो ब्रांडेंड कंपनियों की शराब में मिलावट होने की चर्चा है।आबकारी इंस्पेक्टर अजय वर्मा ने बताया कि महाकाल एसोसिएट शराब दुकान ईसानगर का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसकी जांच करने आए थे मौके से शराब के सैंपल लिए गए हैं। दुकान पर रेट सूची नहीं हैं जिस पर आबकारी अधिनियम GLC16 का प्रकरण दर्ज होगा।











