
समीर वानखेड़े चंद्रपुर महाराष्ट्र: आज के दौर में किसी को कम नहीं आका जा सकता कौन किस हद तक जा कर कौनसा कारनामा कर दिखाए कहा नहीं जा सकता । ऐसा ही एक कारनामा नागपुर में हुआ है । डेढ़ साल पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने दो हजार रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया था। इन नोटों को चलन से वापस लेने के बाद रिजर्व बैंक ने इन नोटों को बदलने की अपील की थी। उस वक्त कई लोगों ने ये नोट बदले थे। लेकिन अब नागपुर पुलिस ने 2000 के नोट बदलने के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है ।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बंद किए गए 2000 रुपए के नोट बदलने के बड़े रैकेट के खिलाफ नागपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बंद हो चुके दो हजार रुपये के नोटों को मजदूरों के माध्यम से बदला गया। जांच में इस रैकेट का कनेक्शन दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश राज्यों से पता चला है। मजदूरों को चंद रुपयों का लालच दिया गया और उनसे लाखों रुपये के नोट बदले गए। नागपुर पुलिस को जानकारी मिली कि इसके पीछे व्यापारियों का एक गिरोह काम कर रहा है।
इसके मुताबिक, नागपुर सदर पुलिस ने दलाल नंदलाल मोर्या, किशोर बोहरिया और कारोबारी अनिल कुमार जैन को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। अनिल कुमार जैन नोट बदलने वाले गिरोह का मुख्य आरोपी है और जांच में पता चला है कि वह अब तक करोड़ों के नोट बदल चुका है। जैन एक मूंगफली विक्रेता के साथ हाथ मिलाकर रैकेट चला रहा था। पता चला है कि यह मूंगफली बेचने वाला ही पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है।






