http://*नोहर में फुटबॉल के प्रति लगाव व जौश पहले के जैसा ही है बरकरार: राजेन्द्र पांडिया* *कडक़ड़ाती ठंड में भी स्टेडियम में उमड़ रही दर्शको की भारी भीड़* नोहर, 1 जनवरी। अखिल भारतीय दशहरा फुटबॉल प्रतियोगिता समिति के तत्वावधान में यहां बिहाणी स्टेडियम में आयोजित दशहरा फुटबॉल प्रतियोगिता में बुधवार को दो मैच हुये। पहला नोहर फुटबॉल क्लब नोहर व डेरा सिरसा के मध्य खेला गया। रोमांच व संघर्ष से भरे इस मुकाबले में नोहर कि टीम ने 2-1 से जीत हासिल की। नोहर कि टीम ने इस जीत के साथ ही सेमीफाइनल में अपना स्थान पक्का कर लिया। प्रतियोगिता का दूसरा मैच एफसी मणिपुर व एनएफसी बॉम्बे के बीच खेला गया। एक तरफा हुये इस मुकाबले में मणिपुर की टीम 4-0 से विजयी रही। बुधवार को हुये मुकाबले में अतिथि के रूप में समाजसेवी भैराराम सहारण, नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता सुशील कुमार सिहाग, ठेकेदार सुरेन्द्र पूनिया, पूर्व पार्षद सुभाष सर्वा, राजेन्द्र कुमार पांडिया, प्रधानाचार्य राजेन्द्र कासोटिया थे। नोहर व डेरा सिरसा के बीच हुये मैच को देखने भारी संख्या में दर्शक बिहाणी स्टेडियम पहुंचे। मध्यांतर से पहले सिरसा के खिलाड़ी सचिन ने गोल करके टीम को बढ़त दिला दी। मध्यांतर के बाद नोहर के इवांस ने गोल करके स्कोर बराबर कर दिया। मैच में दोनों टीमों के खिलाडिय़ों ने दमदार खेल का प्रदर्शन किया। निर्धारित समय तक दोनों टीमें बराबरी के स्कोर पर रही। जिसके बाद दोनों टीमों को अतिरिक्त समय दिया गया। अतिरिक्त समय में नोहर के खिलाड़ी इवांस ने गोल कर टीम को जीत दिलाई। मणिपुर व बॉम्बे के बीच हुआ दूसरा मैच एक तरफा रहा। बॉम्बे की टीम पूरे मैच में एक भी गोल नही कर पाई। मणिपुर की टीम के खिलाड़ी सुरेन्द्र व लक्की ने दो-दो गोल किये। मणिपुर की टीम 4-0 से मैच जीतने में कामयाब रही। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि नोहर में फुटबॉल के प्रति जौश व जुनून देखते ही बनता है। इस कडक़ड़ाती ठंड में भी स्टेडियम में उमड़ रही दर्शको की भारी भीड़ इस बात का परिचायक है कि फुटबॉल खेल के प्रति आज भी लगाव व जौश पहले के जैसा ही बरकरार है। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष विनोद गोल्याण, संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष संजय मोदी,संयोजक शशिकांत शर्मा, सचिव रामकुमार सैनी, उपाध्यक्ष छोटू सेवग, कोषाध्यक्ष पवन कन्दोई, रूस्तम हिन्द, राधेश्याम जोईया, मूरलीधर छिम्पा, पीटीआई कासम अली, ओम लालवानी, मीडिया प्रभारी जयकिशन वर्मा,रतन लाल अरोड़ा, रामकुमार स्वामी, पूर्व पार्षद पवन सांखी आदि उपस्थित थे। प्रतियोगिता के प्रत्येक मैच में मैन ऑफ दी मैच के रूप में इक्कीस सौ रुपये का पुरस्कार दिया जा रहा है। उक्त पुरस्कार युवा नेता राजेश कन्दोई द्वारा दिये जा रहे है। प्रतियोगिता में प्रत्येक मैच में चांदी के सिक्के से टॉस किया जा रहा है। जो टॉस जीतने वाली टीम के कप्तान को भेंट किया जा रहा है। बिहाणी स्टैच्यू पर किया माल्यार्पण नोहर में फुटबॉल के खेल के जुनून को देखते हुये स्व. सेठ गोरीशंकर बिहाणी द्वारा अपने पिता स्व. बालकृष्ण बिहाणी की स्मृति में विशाल स्टेडियम का निर्माण करवाया गया। 1952 में शुरू हुई दशहरा फुटबॉल प्रतियोगिता की चांदी की ट्रॉफी गोरीशंकर बिहाणी द्वारा भेंट कि गई थी। जो आज भी सुरक्षित है। वर्तमान दशहरा कमेटी द्वारा उक्त ट्रॉफी को नया रूप दिया गया है। बुधवार सुबह दशहरा कमेटी के सभी पदाधिकारी,सदस्य व नोहर फुटबॉल टीम के खिलाड़ी यहां बिहाणी चौक पर स्थित स्व. गोरीशंकर बिहाणी की प्रतिमा के समक्ष पहुंचे और माल्यार्पण किया। खिलाडिय़ों का कहना था कि नोहर में फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण से ही इस खेल को बढ़ावा मिला है। फोटो केप्शन- मैच का शुभारंभ करते हुये। फोटो केप्शन- मैच ऑफ दी मैच का पुरस्कार देते हुये।