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PMShri और स्वाशासी कॉलेजों के लिए आवेदन नहीं करने वाले प्रोफेसरों को हटाया जाएगा

MP में PMShri और स्वाशासी कॉलेजों के लिए आवेदन नहीं करने वाले प्रोफेसरों को हटाया जाएगा

 

भोपाल। प्रदेश के प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस और स्वशासी कॉलेजों में 616 सहायक व सह प्राध्यापकों को दो माह के लिए दूसरे कॉलेजों में रिडिप्लायमेंट (पुन:पदस्थापना) के लिए भेजा गया है। अब दूसरी सूची जारी होने के पहले उच्च शिक्षा विभाग उन प्राध्यापकों को पीएमश्री और स्वशासी कॉलेजों से हटाएगा, जिन्होंने साक्षात्कार के लिए आवेदन नहीं किया था। भोपाल के हमीदिया प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस, गीतांजलि कालेज, एमएलबी और नूतन कॉलेज से भी काफी प्राध्यापकों को बाहर किया जाएगा। विभाग उन्हें दूसरे कॉलेजों में पदस्थ करने के लिए सूची तैयार करने में जुटी है।

प्राध्यापकों को अपनी योग्यता पर संदेह

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ऐसे प्राध्यापकों को अपनी योग्यता पर संदेह है कि वे पीएमश्री कॉलेजों में रहकर विद्यार्थियों को अध्ययन नहीं करा पाएंगे। अब जिन्होंने आवेदन नहीं किया था और साक्षात्कार में शामिल नहीं हुए हैं, उन्हें दूसरे कॉलेज में भेजा जाएगा। बता दें कि साक्षात्कार में शामिल होने के लिए करीब तीन हजार प्राध्यापकों ने आवेदन किए थे।

अतिशेष प्राध्यापकों की संख्या बढ़ेगी

जिन प्राध्यापकों ने साक्षात्कार के लिए आवेदन नहीं किया है, उन्हें दूसरे कॉलेजों में भेजा जाएगा। उनके स्थान छोड़ने के बाद रिक्त पदों पर पीएमश्री कॉलेज में दूसरी सूची जारी कर प्राध्यापकों को भेजा जाएगा। पहली सूची के कई प्राध्यापकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। हालांकि पीएमश्री और स्वशासी कॉलेजों से प्राध्यापकों को किसी दूसरे कॉलेजों में भेजने से पहले विभाग को वहां पदस्थ प्रोफेसरों को बाहर करना होगा। ऐसा नहीं करने पर कॉलेजों में अतिशेष प्राध्यापकों की संख्या में बढ़ जाएगी।

नूतन कॉलेज में अधिक प्राध्यापक

भोपाल में हमीदिया, नूतन, गीतांजलि और एमएलबी कॉलेज इसमें शामिल हैं। विभाग ने उक्त चार कॉलेजों में 52 प्रोफेसरों को भेजा था। इनमें सबसे ज्यादा प्राध्यापकों को नूतन कॉलेज भेजा गया है, जबकि विभाग ने साक्षात्कार प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस के नाम पर कराए थे। इसमें 41 प्राध्यापकों को तीन स्वशासी कॉलेजों में पदस्थ किया गया है। इसके अलावा छह प्राध्यापकों को भोपाल के दूसरे कॉलेजों में भेजा है।

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