
जहां जुटती भीड़, वहां नहीं जलवाए जाते अलाव
बांदा
जनपद में गुरुवार रात 163 स्थानों पर अलाव जलवाने का दावा करते हुए रिपोर्ट आपदा विभाग की ओर से शासन को अपलोड की गई। इस साल अब उन स्थानों में एक भी दिन अलाव नहीं जले, जहां गत वर्ष तक जलते रहे। अशोक लाट चौराहा के पास एक भी अलाव के लिए लकड़ियां नहीं डाली गईं। वहीं, स्टेशन परिसर में जहां तिरंगा लगा, वहां पर गत वर्ष तक मुसाफिरों के लिए अलाव जलाया गया। इस बार यहां भी एक भी दिन अलाव नहीं जला। रेलवे स्टेशन में अलाव न जलने के बाबत ईओ नपा नीलम चौधरी ने बताया कि रेलवे की तरफ से रोक लगाई गई है। जब इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर मनोज शिवहरे ने कहा कि अलाव के लिए कभी मना नहीं किया गया है। इस बार नपा प्रशासन ने एक भी दिन अलाव नहीं जलवाए।
सर्दी से कंपकंपाए इंसान साथ में मवेशी
बांदा
घने बादलों के बीच छिपे सूर्य देव दिनभर न के बराबर नजर आए। इससे गलन और बढ़ गई। शीतलहरी के चलते जहां इंसानों को दिक्कतें हो रही हैं, वहीं पशु-पक्षियों को भी सर्द हवा से परेशानी हो रही है। खासकर छुट्टा मवेशियों के न खाने का ठिकाना न रहने का। ग्रामीणों ने छुट्टा मवेशियों को भी शीतलहरी से बचाने का प्रबंध किए जाने की मांग प्रशासन से की।



