
नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच सीजफायर हो गया है. 30 दिन का सीमित सीजफायर और बंदियों की अदला-बदली पर बात बनी है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी प्रेसीडेंट जेलेंस्की से बात कर दोनों को मना लिया है. इसके बाद रूस और यूक्रेन के बीच वह हुआ, जिसका इंतजार सालों से था. जी हां, रूस और यूक्रेन ने बुधवार को कहा कि उन्होंने 175-175 कैदियों की अदला-बदली की है. दोनों देशों के बीच तीन वर्ष पहले शुरू हुए युद्ध के बाद यह पहली बार है जब इन देशों ने इतनी बड़ी संख्या में कैदियों की अदला बदली की है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा, ‘हम सशस्त्र बलों, नौसेना, नेशनल गार्ड, प्रादेशिक रक्षा बलों आदि में सेवाएं देते हुए हमारी स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ने वाले सैनिकों, सार्जेंट और अधिकारियों को वापस ला रहे हैं.’ यूक्रेनी नेता ने इससे पहले मंगलवार को कहा था कि सभी युद्धबंदियों और पकड़े गए नागरिकों को रिहा करना शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा और इससे दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली में मदद मिलेगी. उन्होंने कई बार सभी कैदियों की अदला-बदली की मांग की थी.
यूक्रेन ने कैदियों की अदला-बदली किए जाने की जानकारी ऐसे वक्त पर दी है जब अस्थायी संघर्ष विराम के बारे में बातचीत जारी है. दोनों युद्धरत देशों की उत्तरी सीमा के निकट यह अदला-बदली होने के कुछ ही देर बाद, कई परिवार यूक्रेन के चेर्नीहीव क्षेत्र के एक अस्पताल में पहुंच गए जहां कैदियों को लाया जाना था. कुछ देर बाद कई बसें अस्पताल परिसर में आईं और उनमें से कमजोर और थके प्रतीत होते सैनिक वाहनों से बाहर निकले. वाहनों से निकलने के दौरान से इनके चेहरे अपने लोगों को परिसर में मौजूद देखकर खिल उठे.
इससे पहले रूस के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा था कि उसने गंभीर रूप से घायल 22 अतिरिक्त यूक्रेनी बंदियों को ‘सद्भावना के तौर पर’ रिहा किया है. जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें एक अलग वार्ता प्रक्रिया के माध्यम से वापस किया गया. माना जा रहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अस्थायी संघर्ष विराम के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत के वक्त 23 कैदियों को रिहा करने का वादा किया था. संख्या में बदलाव के कारण पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई.
युद्धबंदियों के उपचार के लिए यूक्रेन के समन्वय मुख्यालय के प्रेस कार्यालय के प्रमुख पेट्रो यात्सेंको ने कहा कि कैदियों के आदान-प्रदान के लिए व्यापक तैयारी की आवश्यकता होती है. उन्होंने कहा, ‘ये अदला-बदली अचानक होने वाली घटनाएं नहीं हैं। इनके लिए सावधानीपूर्वक योजना बनाने की जरूरत होती है.’
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तीन साल से ज्यादा समय से चल रहे रूस और यूक्रेन के जंग को रोकने की कोशिश में लगे हैं. इसी सिलसिले में उन्होंने बुधवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की, जिसके बादरूसी सशस्त्र बलों को पुतिन से यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने का आदेश मिला.
रूसी रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “उस समय, सात रूसी ड्रोन हवा में थे, जो डिफेंस इंडस्ट्री से जुड़े मायकोलाइव के एनर्जी फैसिलिटी को निशाना बना रहे थे. रूसी एयर डिफेंस रक्षा को ड्रोन को निष्क्रिय करने का आदेश दिया गया, जिसमें से छह को पैंटसिर ने मार गिराया और एक को रूसी जेट ने.”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत हुई. इस बातचीत के जरिये ट्रंप प्रशासन, रूस के राष्ट्रपति को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध को समाप्त करने के संभावित उपाय के रूप में 30 दिवसीय संघर्षविराम प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए राजी करना चाहता है.
अमेरिका और रूस ने बातचीत को लेकर तुरंत कोई विवरण नहीं दिया, लेकिन दोनों देशों ने बातचीत समाप्त होने की पुष्टि की. ट्रंप ने कॉल से पहले कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पुतिन के साथ तीन साल के युद्ध के दौरान जब्त की गई भूमि और बिजली संयंत्रों पर चर्चा होगी. ट्रंप ने फोन पर बातचीत से पहले कहा था कि वह पुतिन के साथ उन क्षेत्रों और बिजली संयंत्रों पर चर्चा करेंगे, जिनपर तीन वर्ष से जारी युद्ध के दौरान कब्जा कर लिया गया है.
अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान युद्ध को शीघ्र समाप्त करने का संकल्प जताने वाले ट्रंप ने कई बार पुतिन के साथ अपने संबंधों का बखान किया और रूस के अकारण आक्रमण के लिए यूक्रेन को दोषी ठहराया. इतना ही नहीं उन्होंने जेलेंस्की पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में सबसे बड़े युद्ध को अनावश्यक रूप से लंबा खींचने का आरोप लगाया.
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