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सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने जिला पंचायत सभागार में युवाओं को एक राष्ट्र एक चुनाव विषय पर किया सम्बोधित व रैली भी निकाली

महराजगंज।

 रिपोर्ट,: बुद्धेश मणि पाण्डेय जिला प्रभारी

वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज।

महाराजगंज 2 मई ।एक राष्ट्र, एक चुनाव के इस विचार को एक साथ चुनाव के रूप में भी जाना जाता है, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक ही साथ कराने का प्रस्ताव प्रस्तुत करता है। इससे मतदाता अपने निर्वाचन क्षेत्रों में एक ही दिन सरकार के दोनों स्तरों के लिए अपने मत डाल सकेंगे, हालाँकि देश भर में मतदान कई चरणों में कराया सकता है। इन चुनावी समय-सीमाओं को एक साथ जोड़ने के दृष्टिकोण का उद्देश्य चुनावों के लिए किए जाने वाले प्रबंध से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करना, इसमें लगने वाले खर्च को घटाना और लगातार चुनावों के कारण कामकाज में होने वाले व्यवधानों को कम करना है। उक्त बाते सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने जिला पंचायत सभागार में युवाओं के साथ एक राष्ट्र एक चुनाव विषय पर चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारत में एक साथ चुनाव कराने के संबंध में उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट को 2024 में जारी किया गया था। इसकी सिफारिशों को 18 सितंबर 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकार किया गया, जो चुनाव सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिलाध्यक्ष संजय पांडेय ने कहा कि। भारत में एक साथ चुनाव कराने पर उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट, जिसे 2024 में जारी किया गया, ने इस दृष्टिकोण को लागू करने के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रदान किया। इसकी सिफारिशों को 18 सितंबर 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकार किया गया, जो चुनावी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस प्रणाली से प्रशासनिक दक्षता को बढ़ा सकती है, चुनाव संबंधी खर्चों को कम कर सकती है और नीति संबंधी निरंतरता को बढ़ावा दे सकती है। भारत में शासन को सुव्यवस्थित करने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को उसके अनुकूल बनाने करने की आकांक्षाओं को देखते हुए एक राष्ट्र, एक चुनाव की अवधारणा एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में उभरी है जिसके लिए गहन विचार-विमर्श और आम सहमति की आवश्यकता है। वरिष्ठ नेता अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि एक साथ चुनाव कराने की अवधारणा भारत में कोई नई बात नहीं है। संविधान को अपनाने के बाद, 1951 से 1967 तक लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए गए। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के पहले आम चुनाव 1951-52 में एक साथ कराए गए थे, यह परंपरा 1957, 1962 और 1967 में हुए तीन आम चुनावों में भी जारी रही। पिछली सरकारों ने अपने स्वार्थ और भ्रष्टाचार को बढ़ाने के लिए बार बार देश पर चुनाव थोपने का कार्य किया है।जबकि एक साथ होने वाले चुनाव से देश एवं देशवासियों का काफी समय बचेगा और देश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। राजीव द्विवेदी 1968 और 1969 में कुछ राज्य विधानसभाओं के समय से पहले भंग होने के कारण एक साथ चुनाव की प्रक्रिया बाधित हुई। एक राष्ट्र एक चुनाव देश के हित में है। आज की इस परिचर्चा से यह संदेश जन जन तक पहुंचने की जिम्मेदारी आप युवाओं की है। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 20470 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने में आप की महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। इसके लिए एक राष्ट्र एक चुनाव आवश्यक है। कार्यक्रम्वके संयोजक भाजयुमो जिला महामंत्री गोविंद जायसवाल ने एक राष्ट्र एक चुनाव पर विस्तृत जानकारी दी । कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष अभिषेक श्रीवास्तव ने किया। परिचर्चा में पूर्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष दिनेश जायसवाल, नगर अध्यक्ष आकाश श्रीवास्तव, राजेंद्र पटेल, मंडल अध्यक्ष हेमंत गुप्ता, अश्विनी पटेल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सरवरे आलम, कुलदीप चौधरी, आयुष गुप्ता, गौरव गुप्ता, दीपक गुप्ता, मुद्रिका हिंदुस्तानी, राकेश गौड़, अनिल जायसवाल, विक्की अग्रहरी, विकास जायसवाल, आकर्ष श्रीवास्तव, आशीष गुप्ता, श्याम मोहन चौधरी के अलावा सैकड़ों की संख्या में भाजयुमो कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन के बाद जुलूस निकाल कर सक्सेना तिराहे तक पद यात्रा भी की। एक राष्ट्र एक चुनाव ,भारत माता के जय के नारे लगाए ।

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