


जावरा—भीमाखेड़ी रेलवे फाटक पर बनें अंडरब्रिज में एकत्रित पानी ने बुधवार को बारातियों का रास्ता ही रोक दिया। ऐसी स्थिति में जैसे तैसे बारातियों को ब्रिज पार कराया गया। दरअसल, शाम को स्थानीय सीताराम बाग के समीप से बारात भीमाखेड़ी जा रही थी। जब बाराती रेलवे अंडरब्रिज के नजदीक पहुंचे और ब्रिज को पानी से लबालब देखा तो एक-दूसरे का मुंह ताकने लगे। बारातियों को पटरी पार जाने की जल्दी थी सो अलग। ऐसे में कुछ लोग पटरी के ऊपर से निकले तो कुछ लोगों को वाहन के सहारे भरे पानी के बीच निकाला गया। रेलवे का यह अव्यवस्थित बना अंडरब्रिज हल्की बारिश में ही मिनी जलाशय का रूप धारण कर लेता है। इसमें भरे पानी की उचित निकासी नहीं होने से राहगीरों का आवागमन पूरी तरह ठप्प हो जाता है। बता दें कि ब्रॉडगेज लाइन बिछाने के बाद यहां स्थित फाटक को हटाकर अंडरब्रिज का निर्माण किया गया। ताकि लोगों को आने-जाने में सुविधा हो। लेकिन उल्टा उक्त ब्रिज जनता की परेशानी की वजह बनता जा रहा है। अब तो यह समस्या स्थाई बन चुकी है। हर वर्ष बारिश प्रारंभ होते ही इस रास्ते से गुजरने वाले नागरिकों की मुश्किलें भी बढ़ जाती है। हाल ही में हुई बेमौसम बरसात के कारण इसमें पानी जमा हो गया। इससे पैदल निकलने वाले लोगों के साथ ही वाहन चालकों को भी बड़ी दिक्कतें हुई। भीमाखेड़ी, मामटखेड़ा, तालिदाना, कालूखेड़ा, मावता, रियावन सहित अन्य गांवों की ओर जाने वाले वाहन चालक चरूवाला दाल मिल से पुरानी सड़क होकर गंतव्य की ओर रवाना हुए। इसी प्रकार इन गांवों से मन्दसौर, ताल, आलोट, अजमेरी गेट व जावरा सीटी की तरफ जाने वालों को भी उपरोक्त मार्ग से गुजरना पड़ा। हालांकि रेलवे पटरी से होकर भी पैदल लोग निकलते रहते हैं। लेकिन यह खतरे से खाली नहीं है। कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है।Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur.






