
“आष्टा मंडी में बीज के नाम पर खुली लूट ”, सफेद कपड़ों की शह पर जुए का जाल!
किसानों के साथ धोखा, कानून की आंखों पर पट्टी—मंडी में खुलेआम चल रहा फर्जी बीज और जुए का धंधा
जिला ब्यूरो संदीप छाजेड़ *
“सफेद कपड़े की शह पर, धवल चेहरा और काला खेल!”
ये पंक्तियाँ आष्टा की मंडी पर सटीक बैठती हैं, जहां भ्रष्टाचार, अनैतिकता और मिलीभगत की खेती पूरे शबाब पर है?
मध्यप्रदेश की चर्चित अनाज मंडी
आष्टा
में कुछ कथित दुकानदार बिना किसी लाइसेंस और प्रमाणीकरण के सोयाबीन बीज खुलेआम बेच रहे हैं। किसानों के साथ यह खुला धोखा केवल व्यापार नहीं—बल्कि उनके भविष्य पर हमला है।
मंडी के भीतर ही एक दुकान में फर्जी बीज की बिक्री के साथ-साथ जुए का अड्डा भी संचालन में है। सूत्र बताते हैं, इस अवैध धंधे की पूरी जानकारी मंडी प्रशासन, कृषि विभाग और सभी को है, लेकिन ‘लक्ष्मी दर्शन’ ने सभी को ‘नेत्रदान’ कर दिया है।
“क्या कृषि विभाग तक सबका हिस्सा तय कर रखा है?”
क्या अब सरकारी तंत्र भी ‘कमीशन आधारित फसल
‘ पर पल रहा है?
‘ पर पल रहा है?










