
मुज़फ्फरनगर में सपा महिला मोर्चा का हल्ला बोल, वोट चोरी के खिलाफ निकाला पैदल मार्च
मुज़फ्फरनगर। आगामी चुनावों को देखते हुए राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं और इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी (सपा) महिला मोर्चा ने गुरुवार को वोट चोरी रोकने और पारदर्शी चुनाव की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से लेकर जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया और रास्तेभर सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की।
सपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ता बड़ी संख्या में लाल-हरे झंडों के साथ मार्च में शामिल हुईं। हाथों में तख्तियाँ और बैनर लेकर महिलाएँ “वोट चोरी बंद करो”, “लोकतंत्र बचाओ – पारदर्शी चुनाव कराओ” जैसे नारे लगा रही थीं। मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार चुनावी प्रक्रिया में हेराफेरी कर लोकतंत्र को कमजोर कर रही है और मतदाताओं की स्वतंत्रता छीनी जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बीते चुनावों में प्रशासन की मिलीभगत से कई जगहों पर धांधली हुई थी। उन्होंने कहा कि मतगणना से लेकर बूथों तक सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग हुआ, जिससे जनता का जनादेश प्रभावित हुआ। महिला मोर्चा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी वोट चोरी हुई तो सपा महिला मोर्चा सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।
मार्च के दौरान महिलाएँ स्थानीय नागरिकों से भी अपील करती दिखीं कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आएँ। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि पारदर्शी मतदान ही जनता के अधिकारों की गारंटी है और यदि वोट ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो लोकतंत्र का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
जिला कलेक्ट्रेट पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाज़ी की और चुनाव आयोग तथा जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। महिला मोर्चा ने वहां सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा, जिसमें निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि प्रशासन वोट चोरी को रोकने में नाकाम रहा तो सपा महिला मोर्चा व्यापक स्तर पर आंदोलन करेगी।
सपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष ने कहा – “हमारे लोकतंत्र की आत्मा ही वोट है। यदि वोट सुरक्षित नहीं रहेगा तो जनता का विश्वास टूट जाएगा। भाजपा सरकार चुनावों को अपने पक्ष में करने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाती है। हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे और जनता के साथ मिलकर लोकतंत्र की रक्षा करेंगे।”
इसी दौरान एक वरिष्ठ महिला कार्यकर्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा – “महिलाओं और नौजवानों ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। लेकिन वोट चोरी जैसी घटनाएँ लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। हमें साफ, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव चाहिए, वरना हम सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।”
सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को उच्च स्तर पर भेजा जाएगा और प्रशासन चुनाव को निष्पक्ष बनाने के लिए हर संभव कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की धांधली या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस प्रदर्शन ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। स्थानीय लोग इसे आगामी चुनावों से पहले सपा द्वारा जनता को लामबंद करने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष को हार का डर सताने लगा है, इसलिए वे इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।
फिलहाल, मुज़फ्फरनगर में सपा महिला मोर्चा का यह मार्च चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले चुनावों में वोट सुरक्षा का मुद्दा गरमाने की पूरी संभावना है।
रिपोर्ट : एलिक सिंह
संपादक – समृद्ध भारत समाचार पत्र / वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महासचिव – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
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