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विश्रामपुर पंचायत भवन में विहार कोलियरी कामगार यूनियन और ग्रामीणों की हुई महत्वपूर्ण बैठक।।

विश्रामपुर पंचायत भवन में विहार कोलियरी कामगार यूनियन और ग्रामीणों की हुई महत्वपूर्ण बैठक।।

संवाददाता/राशीद अंसारी खलारी 

खलारी। खलारी प्रखंड के विश्रामपुर पंचायत भवन में विहार कोलियरी कामगार यूनियन के अध्यक्ष रतिया गंझू की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीसीएल.द्वारा वर्ष 2013 में अधिग्रहित 390.95 एकड़ भूमि और अन्य लंबित मुद्दों पर चर्चा करना था। बैठक का संचालन किसुन मुण्डा ने किया, जिसमें सीसीएल के खिलाफ 18 सितंबर से अनिश्चितकालीन बंदी करने पर विचार-विमर्श किया गया, ताकि इस आंदोलन को सफल बनाया जा सके।बैठक में यूनियन ने अपनी कुछ प्रमुख माँगें रखीं, जिनका तत्काल समाधान चाहती है : केडीएच. खदान के आसपास हो रहे भू-धसान और जहरीली गैस के रिसाव के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। यूनियन ने इस समस्या का तुरंत समाधान करने की मांग की है। तुमांग, विश्रामपुर और जेहलीटांड़ गांवो के लोग खदान के ऊपर रह रहे हैं, जिन्हें कंपनी की पुनर्वास नीति के तहत जल्द से जल्द विस्थापित किया जाए। संडे ड्यूटी में चार दिन के फिजिकल काम को खत्म किया जाए और कर्मचारियों के जर्जर आवासों की मरम्मत कराई जाए। खदान से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाई जाए और कॉलोनियों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। झारखंड सरकार की नीति के अनुसार, स्थानीय और विस्थापित बेरोजगारों को मधुकॉन कंपनी में 75 प्रतिशत रोज़गार दिया जाए। जेहलीटांड़ मस्जिद में पड़ी दरारों की मरम्मत कराई जाए। बड़े कामों के टेंडर को छोटे-छोटे हिस्सों में निकाला जाए ताकि छोटे ठेकेदारों को भी काम मिल सके। यूनियन की इन सभी मांगो को लेकर विश्रामपुर और आस-पास के पंचायतों के विस्थापित ग्रामीणों ने इस बंदी को पूरी तरह से सफल बनाने का समर्थन किया है। इस मौके पर बहुरा मुंडा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वे हर जगह विस्थापितों के लिए सीसीएल से लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सीसीएल पूर्णडीह और केडीएच में सिर्फ़ पेड़-पौधों के नाम पर लूट कर रही है और कागज़ों में दिखा कर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रही है, जिससे लोगों को पर्यावरण से भी वंचित किया जा रहा है। इस बैठक में सभी लोगों ने कहा की इस बार बंदी जोरदार तरीक़े से की जाएगी क्योंकि सीसीएल प्रबंधन हमेशा रैयतों को ठगने का काम किया है! केडीएच खदान विस्तारीकरण को लेकर जो ज़ामुनदोहर बस्ती को हटाया गया, उसमें भी ना सही से मुआवजा दिया गया ना घर बनाने के लिए जगह दी गई! सीसीएल ज़मीन लेने से पहले लम्बा चौड़ा वादा करती है और ज़मीन मिल जाने के बाद हमलोग का सारा सुविधा में कटौती करती है। इस लिए अब लड़ाई आर पार की होगी साथ ही एकजुट होकर लड़ाई लड़ने की बात दोहराई। इस अवसर पर विश्वनाथ गंझू, इरफान खान, तौहीद अंसारी, अजय कुमार गंझू, गणेश मुंडा, लालू सिंह, बलदेव गंझू, लालजीत गंझू, नीलेश गंझू, महावीर गंझू, बालेश्वर गंझू, केदार नायक, दशरथ लोहार, उदय कुमार, फारुक नवाब, सुखदेव गंझू, मनोज मुंडा सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

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