जयपुर आयुष नर्सेज ने AMS एप के माध्यम से निजता के उल्लंघन के विरोध में राजस्थान आयुष नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले किया निदेशालय का घेराव घेराव में प्रदेश भर से आए हजारों नर्सेज ने निदेशालय के मुख्य द्वारा पर सभा कर किया विरोध प्रदर्शन। प्रदर्शन के बिषय में जानकारी देते हुए प्रदेश संयोजक धर्मेन्द्र फोगाट ने बताया कि आयुष विभाग द्वारा आयुष नर्सेज और अन्य कर्मचारियों को अपने निजी मोबाइल में AMS सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु राज्य सरकार के हवाले से निर्देशित किया है। उक्त ऐप नर्सेज के निजता के अधिकार का खुला उल्लंघन तो है ही, बल्कि कर्मचारियों को मल्टीमीडिया फोन खरीदने, उसका प्रतिमाह डेटा खरीदने और उसमें एक ऐसा सॉफ्टवेयर जिसके माध्यम से कार्मिकों की 365 दिन 24 घंटे निगरानी करने का राजस्थान आयुर्वेद नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति पूरी तरह से विरोध करती है। संघर्ष समिति विभाग में वर्किंग कल्चर को बढ़ावा देने वाले किसी भी नवाचार का समर्थन करती है। मगर इसकी आड़ में कर्मचारी को कमजोर कड़ी मानकर उसकी बंधुआ मजदूर (दास) की तरह 24 घंटे निगरानी करना उसके निजता के मौलिक और संवैधानिक अधिकार का खुला उल्लंघन है, जिसे किसी भी तर्क से जायज नहीं ठहराया जा सकता। विभाग अथवा राज्य सरकार अगर डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित करने का नवाचार करना चाहते हैं तो इसकी शुरुआत इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढीकरण से होनी चाहिए। आजादी के 75 वर्षों के बाद भी विभाग के सैंकड़ों औषधालय किराए के भवनों में अथवा धर्मार्थ स्थानों पर शरणार्थी के रूप में संचालित किए जा रहे हैं। सैंकड़ों औषधालय बेहद जीर्ण शीर्ण अवस्था में हैं जहां आज भी पेयजल कनेक्शन तथा विद्युत कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। यहां तक कि महिला कर्मचारियों की नियुक्ति होने के बावजूद बहुत से औषधालयों में शौचालय जैसी अत्यावश्यक सुविधा तक का अभाव है। ऐसे में विभाग और राज्य सरकार को चाहिए कि पहले भवनों को विद्युतीकृत कर उनमें वाई फाई की पहुंच सुनिश्चित करे और उसके पश्चात वहां बायोमेट्रिक मशीन स्थापित कर कर्मचारी की डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित करे, तो यह स्वागत योग्य कदम होगा। लेकिन मनमाने तरीके से बिना संसाधन प्रदान किए कर्मचारी को बाध्य कर उक्त व्यवस्था लागू कर कर्मचारी की निजता के उल्लंघन का हम पुरजोर विरोध करते है।
इस विषय पर विस्तृत जानकारी देते हुए संघर्ष समिति के संयोजक श्री गिरिराज प्रसाद शर्मा ने बताया कि संघर्ष समिति द्वारा पूर्व में भी नर्सेज की लंबित मांगों पर वार्ता करने हेतु आयुर्वेद निदेशक को पत्र लिखकर सात दिवस में वार्ता करने का अनुरोध किया था और वार्ता ना होने की स्थिति में निदेशालय के घेराव की चेतावनी दी थी। लेकिन निदेशालय प्रसाशन द्वारा वार्ता के माध्यम से हल निकालने की उपेक्षा के चलते संघर्ष समिति को आज मजबूरन आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा है। प्रदर्शन में सभी जिलों की सुदूरवर्ती गाँवों ढाणियों में कार्यरत नर्सेज ने भाग लिया और हुंकार भरी की जब तक सरकार AMS एप के इस तुगलकी फरमान को वापस नहीं लेती तथा नर्सेज की अन्य लंबित विभागीय मांगों को मन नहीं लिया जाता तब तक ये आंदोलन विभिन्न चरणों में जारी रहेगा।










