
उत्तराखंड क्रांति दल के जिला अध्यक्ष श्री गोकुल सिंह रावत और बजरंग दल के अध्यक्ष श्री नितिन शर्मा और उनकी टीम निरंतर प्रयास कर रही है की हरिद्वार नशे से मुक्त हो। उनके द्वारा’ नशा मुक्ति अभियान’ चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत वह युवाओ को समझाना चाहते हैं कि शराब की लत किस हद तक उनका अहित कर सकती है क्योंकि आज का युवा राष्ट्र की धरोहर है देश का भविष्य है और देश की प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान रखता है क्योंकि युवा वर्ग में परिवर्तन और प्रगति और सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता होती है नए विचारों का स्रोत होते हैं युवा।युवाओं की ऊर्जा कुशल और भागीदारी से राष्ट्र का सामाजिक और आर्थिक विकास होता है। वे देश का सबसे मूल्यवान मानव संसाधन बनते है ।इसलिए युवा वर्ग को नशे से मुक्त रखने के लिए जरूरी है कि उन्हें नशे से होने वाले नुकसान और पारिवारिक परेशानियों से अवगत कराया जाए क्योंकि जब नशे की लत पड़ जाती है तो उसका भुगतान परिवार ,बच्चे और महिलाएं सर्वप्रथम और सबसे अधिक करती हैं । युवा वर्ग को समझाने की एक कोशिश है कि वह अपना और अपने परिवार के हितों का ध्यान रखें और नशे से होने वाले नुकसान और उससे जो कमी आती है उसकी भरपाई किसी भी तरह से नहीं की जा सकती। युवा वर्ग को नशे से मुक्त रखने के लिए रावत जी और बजरंग दल की टीम ने आह्वान किया कि हरिद्वार एक तीर्थ नगरी है साधु संत हरिद्वार में आध्यात्मिक और धार्मिक प्रवृत्ति का मुख्य स्रोत है इसलिए साधु संतों से उनका कहना है कि वह भी इस अभियान में उनका साथ दें और शासन प्रशासन भी रोजगार के साधन बढ़ाये। क्योंकि बेरोजगारी भी इसका एक मुख्य कारण है जब दिमाग और दिल सही और गलत की कश्माकश में चलता है तो इंसान सही की अपेक्षा गलत रास्ते को चुनता है क्योंकि वह उसे सरल और सफलता का मार्ग पाने का छोटा रास्ता लगता है । इसी विचारधारा को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल जिला अध्यक्ष गोकुल सिंह रावत और बजरंग दल टीम निरंतर कार्यरत है एक सुरक्षित नशा मुक्ति हरिद्वार का सपना साकार करने के लिए। रावत जी की इस मुहिम में, विचारधारा में समाज की कई संस्थाओं का ,महिलाओं का और कई युवाओं का साथ भी मिल रहा है। आज काफी संख्या में लोग ,संस्थाएं रावत जी और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के इस अभियान में जुड़ चुकी हैं और नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने में अपना सहयोग दे रही है और कार्य कर रही है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए हरिद्वार को नशा मुक्त बनाने के लिए यूकेडी नेता गोकुल सिंह रावत जी ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी दिया है जिससे अवैध रूप से शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की उन्होंने मांग की है ।
यहां यह बात कहनी अतिशयोक्ति न होगी जो जो एक प्रसिद्ध मशहूर शायर मजनू सुल्तानपुरी ने कही है मैं अकेले ही चला था जानिब-ए- मंजिल मगर लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया।
यह पंक्ति किसी अकेले शुरू किए हुए सफर को दर्शाती है किसी एक व्यक्ति के, जो धीरे-धीरे लोगों के जुड़ने से एक बड़े समूह या कारवा में बदल जाता है ।यह पंक्तियां प्रेरणादायक उद्देश्यों के लिए होती है जैसा की उत्तराखंड क्रांति दल नेता रावत जी के द्वारा किया जा रहा है।













