

रिपोर्ट। धरकास मोखा। गुजरात
गुजरात के मोरबी शहर में आषाढ़ी दूज के पावन पर्व पर पारंपरिक रूप से निकाली गई भगवान जगन्नाथ जी की भव्य शोभायात्रा के दौरान सामाजिक सौहार्द और सांप्रदायिक एकता का एक बेहद सुंदर और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। शोभायात्रा जब अपने तय रूट से गुजर रही थी, तभी सामने से मुस्लिम समाज की एक अंतिम यात्रा (जनाजा) वहां से गुजरी। इस संवेदनशील मोड़ पर हिंदू समाज के प्रबुद्ध जनों और श्रद्धालुओं ने आपसी सम्मान की अद्भुत भावना दिखाते हुए तुरंत ही सभी डीजे और साउंड सिस्टम पूरी तरह से बंद करवा दिए।
इतना ही नहीं, जनाजे की गरिमा और सम्मान को बनाए रखने के लिए शोभायात्रा को कुछ समय के लिए वहीं पर रोक दिया गया। मुस्लिम समाज का जनाजा पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ वहां से गुजर जाने के बाद ही शोभायात्रा को दोबारा आगे बढ़ाया गया और भक्तिमय माहौल में नगर भ्रमण फिर से शुरू हुआ। मोरबी की सड़कों पर देखी गई इस दिल छू लेने वाली घटना ने यह साबित कर दिया कि मानवता और आपसी आदर ही सबसे बड़ा धर्म है। दोनों समाजों ने एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे देश में शांति, एकता और भाईचारे का एक अनोखा संदेश दिया है, जिसकी हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है।



