उत्तर प्रदेशबस्तीलखनऊ

।। वाराणसी में कोडीन सिरप तस्करी का बड़ा खुलासा, एसआईटी ने दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी विदेश फरार।।

।। दवा लाइसेंस का दुरुपयोग करते हुए फर्जी फर्में बनाई थीं और कागजों पर करोड़ों का कारोबार दिखाकर कोडीन सिरप की तस्करी करते थे।।

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। वाराणसी में कोडीन सिरप तस्करी का बड़ा खुलासा, एसआईटी ने दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी विदेश फरार।।

08 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।Screenshot 20251208 170059

वाराणसी कमिश्नरेट की एसआईटी ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शुभम जायसवाल के दो करीबी सहयोगी विशाल जायसवाल और बादल आर्य को गिरफ्तार किया है।

जांच में सामने आया कि दोनों ने दवा लाइसेंस का दुरुपयोग करते हुए फर्जी फर्में बनाई थीं और कागजों पर करोड़ों का कारोबार दिखाकर कोडीन सिरप की तस्करी करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि वे हर खेप पर 25–30 हजार रुपये कमाते थे और प्रति बोतल 1 रुपये का कमीशन फिक्स था। फर्जी फर्मों के खातों में आने वाला पैसा आगे शैली ट्रेडर्स के अकाउंट में ट्रांसफर किया जाता था। एसआईटी शुभम जायसवाल से जुड़े एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से भी पूछताछ कर रही है, जो पूरे बैंकिंग नेटवर्क को संचालित करता था। आरोपियों के मुताबिक सिर्फ एक साल में 7 करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार दिखाया गया।

💫 शुभम जायसवाल देश से भागा, लुकआउट और रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी—

डीसीपी देवेश बसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल विदेश भाग चुका है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लुकआउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है, ताकि इंटरपोल की मदद से उसे पकड़ा जा सके। इसी बीच पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों पर लगातार दबिश दे रही है।

 💫 फर्में सिर्फ कागजों पर, तस्करी असल में—

आरोपियों ने खुलासा किया कि उनके नाम पर बनी दवा फर्में सिर्फ कागजों में चल रही थीं। माल उनकी दुकानों पर कभी आता ही नहीं था ई-वे बिल व टैक्स इनवॉइस फर्मों के नाम से तैयार होते थे। जबकि सिरप कहीं और भेज दिया जाता था उन्हें हर महीने 20–30 हजार रुपये कैश मिलता था और पूरा नेटवर्क देवेश जायसवाल नियंत्रित करता था।

💫 ई-वे बिल में ऐसे वाहन जिनका अस्तित्व ही नहीं—

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। ई-वे बिलों में स्कूल बस,यात्री वाहनों और ऐसे गाड़ियों के नंबर दिखाए गए जो असल में मौजूद ही नहीं थीं। कई फर्मों के संचालकों के पास दवा कारोबार की कोई डिग्री या अनुभव नहीं था, फिर भी उन्हें फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र दिए गए थे।

👉 शैली ट्रेडर्स के मालिक भोला प्रसाद पहले ही जेल में, 200 करोड़ की संपत्ति का खुलासा।

इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख माना जा रहा शुभम जायसवाल का पिता भोला प्रसाद पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। बाप-बेटे पर 10 से अधिक केस दर्ज हैं। ईडी की जांच में इनके नाम पर 200 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है, जिसके बाद दवा कारोबारी वर्ग में भारी हड़कंप है। इसी बीच तकरीबन 10 दवा व्यापारियों ने कोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस जांच और फैलाई जा रही अफवाहों पर रोक लगाने की मांग भी की है।

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