
वंदेभारतलाइवटीव न्युज/ समृद्धभारत ई समाचार पत्र
गुरुवार 11दिसंबर 2025,
==============> रोशनी, खुशियों उमंगों का पर्व और अपने भारत देश का एक प्रमुख त्योहार दीपावली को अब यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल कर लिया गया है। इस आशय की घोषणा कल बुधवार को लाल किले पर यूनेस्को की समिति के द्वारा दीपावली त्योहार को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किए जाने की घोषणा की है। यूनेस्को समिति की इस घोषणा के साथ ही ऐतिहासिक लाल किले का पूरा प्रांगण वंदेमातरम और भारत माता की जयकारों के नारों से गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने समस्त देश वासियों को शुभकामनाऐं देते हुए कहा कि- प्रभू श्रीराम के आदर्श हमें अनादि काल से अभिभूत और मार्गदर्शन देते रहें हैं। यूनेस्को सूची में देश के प्रमुख पर्व दीपावली के शामिल किए जाने से भारत के साथ ही विश्व भर के लोग प्रसन्न हैं। दीपोत्सव का यह पर्व हमारी भारतीय संस्कृति लोकाचार के साथ गहराई से जुड़ा है। यह भारतीय सभ्यता की आत्मा और प्रकाश व धार्मिकता का प्रतीक भी है। अभी भारत देश के पंद्रह प्रतीक अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल हैं। इनमे से कोलकाता की दुर्गा पूजा, कुंभ का मेला, गुजरात का गरबा नृत्य, योग, वैदिक मंत्रोच्चार, रामलीला महाकाव्य का पारंपरिक प्रदर्शन आदि हैं।ऐतिहासिक धरोहर लाल किले में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए यूनेस्को की अंतर समिति के बीसवें सत्र के तीसरे दिन भारत सहित पच्चीस से भी अधिक देशों के प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र शेखावत जी ने दीपावली पर विस्तार से जानकारी साझा की। भारत के दीपावली प्रस्ताव पर किसी ने भी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में दीपावली को शामिल करने से इस पर्व की वैश्विक लोकप्रियता और भी बढ़ जायेगी।







