लोकतंत्र की ‘नीलामी’ या जनसेवा का ‘व्यापार’?मतदान का ‘पवित्र अधिकार’ बन गया ‘लेन-देन की इकाई’
भारत के लोकतंत्र की नींव आज एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहाँ 'जनमत' (Mandate) का सम्मान नहीं, बल्कि उसकी 'कीमत' तय की जा रही है। जिसे हम दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहते हैं, वह धीरे-धीरे 'चुनावी मंडी' में तब्दील होता जा रहा है। यहाँ नीतियां नहीं, नोट चलते हैं; और विडंबना यह है कि अब मतदाता इसे 'भ्रष्टाचार' नहीं, बल्कि अपना 'हक' समझने लगा है।
मीनाक्षी विजय कुमार भारद्वाज / मुंबई
लोकतंत्र की ‘नीलामी’ या जनसेवा का ‘व्यापार’?मतदान का ‘पवित्र अधिकार’ बन गया ‘लेन-देन की इकाई’
मुंबई/महाराष्ट्र: भारत के लोकतंत्र की नींव आज एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहाँ ‘जनमत’ (Mandate) का सम्मान नहीं, बल्कि उसकी ‘कीमत’ तय की जा रही है। जिसे हम दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहते हैं, वह धीरे-धीरे ‘चुनावी मंडी’ में तब्दील होता जा रहा है। यहाँ नीतियां नहीं, नोट चलते हैं; और विडंबना यह है कि अब मतदाता इसे ‘भ्रष्टाचार’ नहीं, बल्कि अपना ‘हक’ समझने लगा है।
1. आदर्शवाद की मौत: जब ‘ईमानदारी’ को कहा जाने लगा ‘मूर्खता’
समाज का नैतिक पतन इस स्तर पर पहुँच गया है कि चुनाव अब विकास की चर्चा का केंद्र नहीं, बल्कि ‘वसूली’ का सीजन बन गए हैं।
सामाजिक दबाव: आज यदि कोई नागरिक बिना पैसे या उपहार लिए वोट देता है, तो उसे ‘आदर्शवादी’ मानकर सम्मान देने के बजाय समाज ‘नाकारा’ और ‘मूर्ख’ कहता है।
संवाद का स्तर: मोहल्लों और चाय की दुकानों पर चर्चा इस बात की नहीं होती कि “क्षेत्र में अस्पताल या स्कूल कब बनेगा?”, बल्कि सवाल यह होता है कि “इस बार किस पार्टी ने कितना ‘पैकेज’ दिया है?”
2. लोकतंत्र का ‘किलर’ चक्र (The Deadly Vicious Cycle)
यह एक ऐसा दुष्चक्र है जिसमें अंततः हार उस आम आदमी की ही होती है जो खुद को ‘मुनाफे’ में समझ रहा है।
निवेश (Investment): उम्मीदवार करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाकर वोट खरीदता है।
वसूली (Recovery): सत्ता की कुर्सी पर बैठते ही वह सबसे पहले अपने खर्च किए गए करोड़ों की भरपाई करता है।
मुद्दों का कत्ल: इस प्रक्रिया में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई जैसे बुनियादी मुद्दे फाइल के नीचे दब जाते हैं।
बलिदान: अंततः आपके टैक्स का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है और आम आदमी बदहाली में ही रहता है।
3. ‘मौन सहमति’ और संवैधानिक संकट
यह खेल सिर्फ नेताओं और मतदाताओं तक सीमित नहीं है। इसमें प्रशासन की ‘मौन सहमति’ और राजनीतिक दलों का संरक्षण भी शामिल है।
प्रतिशत का खेल: जब 50% से कम मतदान में सरकारें चुनी जाती हैं, तो वे वास्तव में पूर्ण जनता का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं।
हथियार बने जाति और धर्म: जब विकास के नाम पर वोट नहीं मिलता, तो दल जाति, धर्म और भाषा के आधार पर समाज को बाँटकर अपनी जीत सुनिश्चित करते हैं।
4. आत्ममंथन: क्या हम सिर्फ ‘तारीख’ के देशभक्त हैं?
हम 15 अगस्त और 26 जनवरी को तो देशभक्ति का चोला ओढ़ लेते हैं, लेकिन चुनाव के दिन या तो ‘छुट्टी’ मनाते हैं या ‘लालच’ में अपना भविष्य बेच देते हैं। मध्यम वर्ग की उदासीनता और निम्न वर्ग की विवशता (या लालच) दोनों ही इस लोकतंत्र की आत्मा के सौदागर बन गए हैं।
”यदि मतदान केंद्र पर आपका वोट किसी ‘नोट’ या ‘तोहफे’ के बदले गिर रहा है, तो समझ लीजिए कि आप सिर्फ एक उम्मीदवार नहीं चुन रहे, बल्कि आप अपने बच्चों का भविष्य और देश का आत्मसम्मान बेच रहे हैं।”
बड़ा सवाल: अस्तित्व का संघर्ष
क्या हम एक ऐसी पीढ़ी तैयार कर रहे हैं जिसके लिए लोकतंत्र सिर्फ एक ‘बिज़नेस डील’ है? आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब खत्म होना चाहिए। अब समय है नैतिक क्रांति का। यदि अब भी नागरिक नहीं जागे, तो चुनाव जनतंत्र का उत्सव नहीं, बल्कि केवल ‘सत्ता का सौदा’ बनकर रह जाएंगे।
महाशिवरात्रि के अवसर पर परंपरा के मुताबिक बाबा मंदिर के शिखर पर लगे पवित्र पंचशूल को आज महाशिवरात्रि से पहले विधिवत उतारा गया। ज्ञातव्य है कि महाशिवरात्रि के ठीक दो दिन पहले साल में एक बार बाबा मंदिर और पार्वती मंदिर के शीर्ष पर स्थित पंचशूल को विधिवत उतारा जाता है।
13/02/2026
जन जन की सरकार जन जन के द्वार कार्यक्रम में 1755 लोगों को विभिन्न योजनाओं से किया गया लाभान्वित*
13/02/2026
राम ही युक्ति राम ही मुक्ति राम करें उध्दार रे श्री महंत जय रामदास महाराज हरिद्वार
13/02/2026
राम का नाम जीवन की सफलता के आधार के साथ-साथ मोक्ष का भी माध्यम है महामंडलेश्वर श्री श्याम दास महाराज हरिद्वार
13/02/2026
वनमण्डलाअधिकारी के मार्गदर्शन में जैजैपुर क्षेत्र के दो आरा मिल सीलबंद
13/02/2026
सवर्ण समाज ने शंख और घंटे बजाकर किया यूजीसी का विरोध
13/02/2026
ग्राम नावापारा में उत्साहपूर्वक मनाया गया ‘जलअर्पण दिवस’
13/02/2026
नगर निगम भूमि घोटाले में निलंबित चल रहे दो आईएएस अधिकारियों की वापसी पर अब सरकार जल्द निर्णय ले सकती है
13/02/2026
सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा, यातायात पुलिस हरिद्वार की यातायात जागरूकता मुहिम*
13/02/2026
महाशिवरात्रि पर हरिद्वार जिले मे मीट की दुकान पूर्ण रूप से बंद करने के संदर्भ में दिया प्रार्थना पत्र!
With Product You Purchase
Subscribe to our mailing list to get the new updates!