
बाल विवाह में सहयोगी रिश्तेदार, पंडित, मौलवी, नाई, हलवाई, बैंड-बाजा, टेंट व्यवसायी भी जाएंगे जेल
-बाल विवाह जैसी बुराई को खत्म करने के लिए समाज को अब एकजुटता दिखानी ही होगी- अमित तोमर
फरीदपुर (बरेली)। ब्लॉक बाल संरक्षण समिति के सदस्य वरिष्ठ समाजसेवी एवं राष्ट्रीय प्रशिक्षक अमित कुमार सिंह तोमर एडवोकेट ने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार बाल विवाह कराना अपराध है। बाल विवाह में सहयोग करने वाले रिश्तेदार, पंडित, मौलवी, नाई, हलवाई, बैंड-बाजा, टेंट व्यवसायी आदि को भी जेल जाना पड़ेगा। एक लाख रुपए तक के जुर्माने की सजा का सामना करना पड़ सकता है। बाल विवाह जैसी बुराई को खत्म करने के लिए समाज को एकजुट होना ही होगा। बाल विवाह मुक्त भारत के 100 दिवसीय अभियान के तहत ब्लॉक बाल संरक्षण समिति के सदस्य वरिष्ठ समाजसेवी अमित कुमार सिंह तोमर एडवोकेट ने बाल विवाह मुक्त भारत के 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत कहां की बाल विवाह के दुष्परिणामों को जन-जन तक पहुंचा कर बाल विवाह को पूर्ण रूप से रोकने का संदेश आम जनमानस तक पहुंचाने का कार्य करना है। जिसके लिए समाज को एक जुटता के साथ बाल विवाह जैसी बुराई को समाप्त करने के लिए आगे आना ही होगा। बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस 112, महिला हेल्पलाइन 181 या जस्ट राइट्स हेल्पलाइन 1800 1027222 पर सूचना दें। श्री तोमर ने कहा कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान को गोपनीय रखा जाता है।











