A2Z सभी खबर सभी जिले कीमध्यप्रदेश

सांसारिक जीवन में गुरु माता-पिता की सेवा ही सच्ची तपस्या है:- मुकेश बाबा

संगीत में सिंगाजी परचरी पुराण कथा में दूसरे दिन श्रोताओं की

0-0x0-0-0#
0-0x0-0-0#
0-0x0-0-0#
0-0x0-0-0#

बांगरदा (खरगोन) सांसारिक जीवन में आधुनिक सुविधाओं के बीच गुरु माता-पिता की सेवा ही सच्ची तपस्या है। वर्तमान आधुनिक समय में व्यक्ति की दिनचर्या केवल धन उपार्जन की ओर है। एवं व्यक्ति इतना व्यस्त है कि अपने ही परिवार में परायापन महसूस करता है। सांसारिक जीवन में सत्कर्मों के द्वारा इंसान को याद किया जाता है। किसने कितना कमाया, यह नहीं व्यक्ति ने समाज, परिवार, गांव, देश के लिए किए गए सत्कर्मों से याद किया जाता है ।
मुक्त विचार व्यक्त करते हुए परचरी पुराण कथा के दूसरे दिन मुकेश बाबा ने संत सिंगाजी के जन्म से जुड़ी कथा सुनाते हुए कहा कि खजूरी ग्राम में एक गोली परिवार में जन्मे सिंगाजी एक अवतारी पुरुष थे। उनके द्वारा पशुधन का संरक्षण का संदेश दिया गया।
इस दौरान संगीतमय भजन*मेरे सिर पर सिंगाजी जबरा,गुरु सदा करता रहु मुजरा…….* की संगीतमय प्रस्तुति पर पूरा पंडाल झूम उठा महिलाएं भी घूमने लगी।
कथा के दौरान पूर्व विधायक जगदीश मोरनिया ने व्यास पीठ का पूजन कर व्यास पीठ पर विराजित मुकेश बाबा का सफा पहनाकर, शाल, श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद लिया।
आयोजन समिति के मुख्य यजमान राधेश्याम करोड़ रमेश करोड़ सुरेश अरोड़ा एवं हुकुमचंद चौधरी द्वारा व्यास पीठ का पूजन का आरती की गई इस अवसर पर पूर्व विधायक जगदीश मोरनिया ने कहा कि मेरा अनुभव रहा है कि अध्यात्म से जुड़ने के बाद ही सांसारिक जीवन में आत्म शांति मिलती है।

Back to top button
error: Content is protected !!