

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क निधि प्रबंधन समिति की बैठक सम्पन्न हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें राज्य के आर्थिक विकास, निवेश आकर्षण, औद्योगिक विस्तार और जनसुविधाओं का आधार हैं। अतः सभी विभाग समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पुराने कार्य लंबित न रहें। वर्ष 2025–26 की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक वर्ष अप्रैल के अंत तक वार्षिक कार्ययोजना स्वीकृत कर ली जाए।
मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण में नई एवं टिकाऊ तकनीकों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि कम लागत और अधिक आयु वाले नवप्रयोगों को प्राथमिकता दी जाए। ओवरलोड ट्रक/डंपरों के संचालन पर सख्ती से रोक लगाने तथा भारी वाहनों के चालकों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए , ताकि सड़क सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जा सके।
मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि राज्य सड़क निधि प्रबंधन समिति की बैठक वर्ष में कम से कम दो बार आयोजित हो तथा कार्ययोजनाएं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर तैयार की जाएं। मुख्यमंत्री जी ने सड़क सुरक्षा, पार्किंग व्यवस्था, मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता और निर्माण मानकों के कड़ाई से अनुपालन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे प्रदेश की सड़क अवसंरचना को नई गति मिलेगी।
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