
समीर वानखेड़े चंद्रपुर महाराष्ट्र:
बल्लारपुर शहर के बीटीएस चौक पर एक भयानक दुर्घटना हुई, जब मोपेड गोंडपिपरी से चंद्रपुर जा रही थी। सूत्रों के अनुसार, दुर्घटना 5 फरवरी को दोपहर 12 से 1 बजे के बीच हुई। इस दुर्घटना में, चंद्रपुर के छोटा बाजार वार्ड निवासी श्रीमती नीलिमा देवराव रोहनकर (38) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दुर्घटना में उनके पति देवराव रोहनकर घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोहनकर दंपत्ति का मोपेड वाहन क्रमांक एमएच 34 सीपी 2417 गोंडपिपरी से चंद्रपुर की ओर जा रहा था, जब उसने ओवरटेक कर रहे एक ट्रक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद, ट्रक का पिछला पहिया नीलिमा रोहनकर के ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस बीच, पति दुर्घटना में एक तरफ गिर गया और उसके दाहिने हाथ में चोट आई।
मृतक नीलिमा रोहनकर और उनके पति कल रिश्तेदार के गृहप्रवेश के समारोह में शामिल होने गोंडपिपरी तालुका के जयरामपुर गए थे। उनके परिवार में 21, 18 और 16 साल की तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी की पिछले महीने ही सगाई हुई थी और उसकी शादी 7 मई को होनी है। इस दुखद घटना से रोहनकर परिवार में दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की जानकारी मिलते ही बल्लारपुर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पंचनामा करने के बाद बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए बल्लारपुर के रूरल हॉस्पिटल भेज दिया गया है। शुरुआती जांच पुलिस इंस्पेक्टर बिपिन इंगले की देखरेख में असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर मदन दिवटे और पुलिस कांस्टेबल यशवंत कुमरे कर रहे हैं।
आखिर कब थमेगा दुर्घटनाओं का ये सिलसिला
गोदचिरौली जिले के सुरजागढ़ लौह अयस्क प्रोजेक्ट से कच्चे लोहे का परिवहन करने वाले हाइवा ट्रकों से रोज कही न कही दुर्घटना हो रही है तथा महामार्ग पर चलने वाले लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है । इन हाइवा ट्रक के चालक इतनी तेजी से वाहन चलाते है कि जिसे देखकर महामार्ग पर चलने वाले वाहनचालक तथा पैदल राहगीरों को जान हथेली पर लेकर महामार्ग पर चलना पड़ रहा है ।
इन बेदरकार हाइवा ट्रकों पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं बीते वर्ष भी इन ट्रकों की वजह से कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी लेकिन पुलिस प्रशासन औपचारिकता निभाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देता है । स्थानीय जनता की मांग है कि इन अनियंत्रित ट्रकों पर स्पीड लॉक सिस्टम लगाकर दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है । लेकिन प्रशासन इस विषय पर ध्यान नहीं दे रहा है या जानबूझकर अनदेखी कर रहा है । और कितनी जान जाने पर प्रशासन जागेगा और इन ट्रांसपोर्ट कंपनी पर करवाई करेगा ? यह सवाल जनता पूछ रही है ।










