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*शीर्षक: “विकास, विश्वास और संकल्प का बजट – छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भरता की नई दिशा”**

*शीर्षक: “विकास, विश्वास और संकल्प का बजट – छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भरता की नई दिशा”**

**शीर्षक: “विकास, विश्वास और संकल्प का बजट – छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भरता की नई दिशा”**

— श्री Aitram Sahu, भाजपा जिला अध्यक्ष, महासमुंद

तिलक राम पटेल संपादक महासमुन्द वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज चैनल समृद्ध भारत अखबार

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत यह बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि प्रदेश की जनता के सपनों, आकांक्षाओं और संकल्पों का सशक्त दस्तावेज है। यह बजट किसान, मजदूर, महिला, युवा, छात्र, व्यापारी और गरीब—सभी वर्गों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए यह बजट समावेशी विकास, सुशासन और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक ठोस कदम है।

 

सबसे पहले यदि हम कृषि क्षेत्र की बात करें तो यह बजट किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, और यहां की अर्थव्यवस्था का मूल आधार हमारे अन्नदाता किसान हैं। सरकार ने धान खरीदी की सुव्यवस्थित व्यवस्था, न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ-साथ बोनस की व्यवस्था, कृषि यंत्रीकरण, सिंचाई विस्तार और फसल विविधीकरण पर विशेष बल दिया है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर बनेंगे। ग्रामीण अंचलों में सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार से खेती को नई ऊर्जा मिलेगी और वर्षा पर निर्भरता कम होगी।

 

ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी यह बजट ऐतिहासिक है। सड़क, बिजली, पानी और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए गांव-गांव तक विकास पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने का कार्य तेज गति से चल रहा है। इससे ग्रामीण जीवन स्तर में व्यापक सुधार होगा।

 

शिक्षा के क्षेत्र में यह बजट नई उम्मीदें लेकर आया है। स्कूलों के उन्नयन, डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास, और उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार पर विशेष प्रावधान किए गए हैं। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों के लिए सक्षम बनाया जाएगा। तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास पर जोर देकर राज्य को रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।

 

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बजट ने जनहित को प्राथमिकता दी है। जिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं के विस्तार, और नई चिकित्सा इकाइयों की स्थापना से आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब परिवारों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है, जिससे स्वास्थ्य व्यय का बोझ कम हुआ है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देकर प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है।

 

महिला सशक्तिकरण इस बजट की प्रमुख विशेषता है। स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन, स्वरोजगार योजनाएं, और महिलाओं के लिए विशेष वित्तीय सहायता कार्यक्रम उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। महिला सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रभावी प्रावधान किए गए हैं। इससे समाज में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को मजबूती मिलेगी।

 

युवा वर्ग के लिए यह बजट आशा और अवसरों का संदेश देता है। कौशल विकास कार्यक्रम, स्टार्टअप को प्रोत्साहन, उद्योगों की स्थापना और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरल नीतियां और आधारभूत संरचना का विकास राज्य को औद्योगिक प्रगति की ओर ले जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा और युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर अवसर मिलेंगे।

 

आदिवासी और वनवासी क्षेत्रों के विकास के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। वन अधिकार पट्टों का वितरण, लघु वनोपज के समर्थन मूल्य में वृद्धि, और शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है। इससे सामाजिक समरसता और समावेशी विकास को बल मिलेगा।

 

शहरी विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। नगरों में स्वच्छता, पेयजल, सीवरेज और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बजट आवंटित किया गया है। स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और आधारभूत संरचना के विकास से शहरों का स्वरूप बदलेगा और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

 

व्यापार और उद्योग जगत के लिए यह बजट सकारात्मक संकेत देता है। लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन, कर व्यवस्था में सरलता और निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियां राज्य की आर्थिक वृद्धि को गति देंगी। इससे स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों को नई संभावनाएं मिलेंगी।

 

पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को भी बजट में स्थान दिया गया है। सौर ऊर्जा परियोजनाओं, वृक्षारोपण अभियान और जल संरक्षण योजनाओं से पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने का प्रयास किया गया है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 

यह बजट केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन का भी संकल्प है। पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। सुशासन की भावना के साथ प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

 

महासमुंद जिले सहित पूरे प्रदेश को इस बजट से नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में किए गए प्रावधान हमारे जिले के विकास को भी गति देंगे। भाजपा संगठन के माध्यम से हम सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे।

 

अंततः मैं यह कहना चाहूंगा कि यह बजट छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह बजट विकास, विश्वास और जनसहभागिता का प्रतीक है। हमें विश्वास है कि प्रदेश की जनता के सहयोग और सहभागिता से यह संकल्प अवश्य साकार होगा।

 

छत्तीसगढ़ की उन्नति और समृद्धि के इस पथ पर हम सब मिलकर आगे बढ़ें—इसी विश्वास के साथ।

 

— श्री Aitram Sahu

भाजपा जिला अध्यक्ष, महासमुंद

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